Daily Voice : कम फंड लागत वाले सरकारी बैंकों पर करें फोकस, कैपिटल गुड्स और ऑटो में भी होगी जोरदार कमाई

Daily Voice : आरबीआई ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सावधानी से ऋण देने का कड़ा संकेत भेजा है। इसलिए अनसिक्योर्ड लोन देने और एनबीएफसी को बैंक से ऋण मिलने में कुछ नरमी आ सकती है। लेकिन इससे अधिकांश बैंकों या एनबीएफसी के मार्जिन, एसेट क्वालिट या कैपिटल एडीक्वेसी लेवल कोई बड़ा प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। टेक्नोलॉजी शेयरों पर बात करते हुए राजेश भाटिया ने कहा कि भारतीय आईटी सेक्टर में इस समय निवेश के काफी अच्छे मौके दिख रहे हैं

अपडेटेड Nov 30, 2023 पर 11:36 AM
Daily Voice : ग्लोबल ग्रोथ एक बार फिर से तेजी पकड़ने की तैयारी में है। ऐसे में आईटी शेयर मध्यम से लंबी अवधि के लिए अच्छे दिख रहे हैं।

Daily Voice : प्राइमरी मार्केट में खास रुचि रखने वाले आईटीआई म्यूचुअल फंड के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफीसर राजेश भाटिया का कहना है कि कुछ सरकारी बैंक काफी अच्छी तरह से काम कर रहे हैं। जिसको देखकर लगता है कि निवेशकों को कम फंड लागत वाले बैंको पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। मनीकंट्रोल से हुई बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि कुछ सरकारी बैंकों में अभी और तेजी आने की संभावना बची हुई है। छोटे शहरों में मजबूत उपस्थिति, रिटेल डिपॉजिट में मजबूती और बैंकों के लिए मजबूत सेंटीमेंट कुछ ऐसे कारण हैं जो कई पीएसयू बैंकों को निवेश के नजरिए से आकर्षक बनाते हैं।

इक्विटी और कैपिटल मार्केट का 30 सालों से ज्यादा का अनुभव रखने वाले राजेश भाटिया ने आगे कहा कि कैपिटल गुड्स, ऑटो, घरेलू फार्मा, बीमा, दूरसंचार और रक्षा 2024 के लिए आकर्षक थीम बने रहेंगे।

क्या आपको बैंकिंग और एनबीएफसी सेक्टर की ग्रोथ में कुछ कमी की उम्मीद है? इसके जवाब में राजेश भाटिया ने कहा कि आरबीआई ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सावधानी से ऋण देने का कड़ा संकेत भेजा है। इसलिए अनसिक्योर्ड लोन देने और एनबीएफसी को बैंक से ऋण मिलने में कुछ नरमी आ सकती है। लेकिन इससे अधिकांश बैंकों या एनबीएफसी के मार्जिन, एसेट क्वालिट या कैपिटल एडीक्वेसी लेवल कोई बड़ा प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है।


टेक्नोलॉजी शेयरों पर बात करते हुए राजेश भाटिया ने कहा कि भारतीय आईटी सेक्टर में इस समय निवेश के काफी अच्छे मौके दिख रहे हैं। शॉर्ट टर्म में आईटी शेयरों पर दबाव देखने को मिल सकता है। लेकिन लंबी अवधि के नजरिए से ये अच्छे दिख रहे हैं। आईटी कंपनियों की डील पाइपलाइन काफी अच्छी हैं। इससे आईटी कंपनियों के ग्राहकों की आईटी परियोजनाओं पर खर्च करने की उनकी इच्छा का संकेत मिलता है। ग्लोबल ग्रोथ एक बार फिर से तेजी पकड़ने की तैयारी में है। ऐसे में आईटी शेयर मध्यम से लंबी अवधि के लिए अच्छे दिख रहे हैं।

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केमिकल सेक्टर पर बात करते हुए राजेश भाटिया ने कहा कि पिछले 10-15 सालों में भारतीय केमिकल कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी बढ़ी है। भारतीय कंपनियां अब अनुसंधान एवं विकास में निवेश बढ़ाते हुए ज्यादा जटिल केमिकल्स के उत्पादन में कदम रख रही हैं। ये दीर्घकालिक विकास के लिए अच्छा संकेत है। हाल के वर्षों में भारतीय कंपनियों का का फोकस स्पेशियालिटी केमिकल्स की ओर बढ़ा है। भारत के पास भूमि, बिजली आपूर्ति, बंदरगाह कनेक्टिविटी आदि के मामले में काफी अच्छी बुनियादी सुविधाएं हैं। ये लगातार और बेहतर हो रही हैं। भारतीय स्पेशियालिटी केमिकल कंपनियां अवसरों का लाभ उठाने के लिए काफी अच्छी स्थिति में है।

 

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