Graphite India Share Price: ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड्स के साथ-साथ कॉर्बन और ग्रेफाइट स्पेशल्टी प्रोडक्ट्स बनाने वाली ग्रेफाइट इंडिया के शेयरों में आज बिकवाली का दबाव दिखा। इसकी वजह ये है कि कंपनी जर्मनी में ग्रेफाइट स्पेशल्टीज और कोटिंग डिविजंस बंद कर रही है। कंपनी ने एक कारोबारी दिन पहले की शाम को एक्सचेंज फाइलिंग में यह जानकारी दी थी और आज खरीदारी के माहौल में भी इसके शेयर फिसल गए। एक तरफ शुरुआती कारोबार में घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) एक कारोबारी दिन पहले की 2% से अधिक की गिरावट से उबरते हुए आज आधे फीसदी से अधिक उछल पड़े तो दूसरी तरफ ग्रेफाइट इंडिया के शेयर बीएसई पर 1.48% की फिसलन के साथ ₹571.00 पर आ गए।
Graphite India ने क्या बताया एक्सचेंज फाइलिंग में
ग्रेफाइट इंडिया ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि रूस-यूक्रेन युद्ध के लंबे समय तक चलने वाले असर और कम मांग के चलते जर्मनी में ग्रेफाइट स्पेशलिटीज और कोटिंग डिवीजन की कॉम्पिटिटिवनेस को झटका लगा। ऐसे में कंपनी के स्थानीय मैनेजमेंट ने इनके काम और इनसे जुड़ी सर्विस एक्टिविटीज को बंद करने का फ़ैसला किया है। कंपनी के मुताबाकि लोकल वर्क्स काउंसिल के साथ बातचीत के हिसाब से ये डिवीजन छह महीने में बंद हो सकती हैं। वित्त वर्ष 2025-2026 में इनका टर्नओवर ₹105.29 करोड़ था तो मार्च 2026 तक इनकी नेटवर्थ नेगेटिव ₹322.53 करोड़ थी, तो कंपनी की कुल कंसोलिडेटेड नेट वर्थ ₹5,859 करोड़ थी।
पिछले वित्त वर्ष 2026 की आखिरी तिमाही ग्रेफाइट इंडिया के लिए खास नहीं रही। मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर ₹29 करोड़ से घटकर ₹16 करोड़ रह गया था तो ऑपरेटिंग लेवल पर भी यह ₹62 करोड़ के मुनाफे से ₹10 करोड़ के घाटे में आ गई। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू भी 12% घटकर ₹720 करोड़ रह गया। कंपनी ने ₹2 की फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर ₹11 के डिविडेंड का ऐलान किया था।
अब एक साल में शेयरों के चाल की बात करें तो पिछले साल 29 अगस्त 2025 को बीएसई पर यह एक साल के निचले स्तर ₹506.00 पर था। इस निचले स्तर से 9 महीने में यह 58.54% उछलकर 15 मई 2026 को एक साल के हाई ₹802.20 पर पहुंच गया।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।