Gold ETF News: भारत में सोने को लेकर कैसा क्रेज है, इसका अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि पिछले महीने जून में वैश्विक रुझानों के विपरीत यहां गोल्ड ईटीएफ में $38.8 करोड़ का निवेश आया। इसकी मुख्य वजह तो यही रही कि गोल्ड के भाव को लेकर भारतीय निवेशक पॉजिटिव बने हुए हैं और इसकी कीमतों में गिरावट को उन्होंने निवेश के सुनहरे मौके के तौर पर देखा। वहीं दूसरी तरफ वैश्विक स्तर पर बात करें तो वैश्विक निवेशकों ने जून में भी गोल्ड ईटीएफ में अपनी हिस्सेदारी कम करना जारी रखा और एशिया में तो निकासी की सबसे बड़ी वजह चीन के गोल्ड फंड रहे।
Gold ETF को लेकर भारत में दिखा क्रेज
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के मुताबिक पिछले महीने जून में सबसे अधिक निवेश निप्पॉन इंडिया ईटीएफ गोल्ड बीईईएस में आया। इसमें $15.84 करोड़ का निवेश आया। इसके बाद एसबीआई ईटीएफ गोल्ड में $8.12 करोड़ का निवेश आया। इससे पहले मई महीने में $6.1 करोड़ की निकासी हुई थी, क्योंकि सरकार ने इस पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी थी तो घरेलू मार्केट में सोने की बढ़ती कीमतों के बीच निवेशकों ने मुनाफा कमाना शुरू कर दिया था।
वैश्विक बाजारों में फीकी पड़ी गोल्ड ईटीएफ की चमक
भारतीयों के उल्टे वैश्विक निवेशकों ने अपनी गोल्ड ईटीएफ होल्डिंग हल्की की। जून महीने में करीब $890 करोड़ की निकासी हुई और ऐसा ही रुझान लगभग हर जगह दिखा। सबसे अधिक निकासी उत्तरी अमेरिकी में हुई जहां $550 करोड़ निकाले गए। इसके बाद एशिया में $230 करोड़ और यूरोप में $81.8 करोड़ की निकासी दिखी। ग्लोबल गोल्ड ईटीएफ का AUM (एसेट अंडर मैनेजमेंट) 13% घटकर $52.6 हजरा करोड़ रह गया, जबकि कुल होल्डिंग्स 74 टन घटकर 4,047 टन रह गईं।
एशिया में सबसे अधिक निकासी चीन के गोल्ड फंडों ने की। इसकी वजह ये रही कि इक्विटी मार्केट में रौनक लौटी और गोल्ड के भाव फिसले तो निवेशकों की रिस्क लेने की क्षमता सुधरी। जापान में भी बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दरें बढ़ाई तो जापानी फंडों ने ताबड़तोड़ निकासी की। ब्याज दरें बढ़ाने से स्थानीय निवेशकों के लिए गोल्ड रखने की अपॉर्च्यूनिचटी कॉस्ट बढ़ गई तो इसका क्रेज कम हुआ।
गोल्ड ईटीएफ से यह ताबड़तोड़ निकासी अमेरिकी फेडरल के नए प्रमुख केविन वार्श के सख्त मौद्रिक नीतियों के संकेत पर हुई। ब्याज दरें बढ़ने के संकेतों से रियल यील्ड और डॉलर मजबूत हुए तो गोल्ड जैसे ब्याज नहीं देने वाले एसेट्स का आकर्षण थोड़ा कम हुआ। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच चल रही लड़ाई ने महंगाई से जुड़ी चिंताएं बढ़ाई तो गोल्ड ईटीएफ की भी चमक फीकी पड़ी।