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Daily Voice : इस कंसोलीडेशन के दौर में निवेशकों के लिए खरीदारी के अच्छे मौके - संतोष जोसेफ

Daily Voice : मध्य-पूर्व और यूरोप में चल रहे जियोपॉलिटिकल तनाव और बाजार पर इसके असर पर बात करते हुए संतोष जोसेफ ने कहा कि अभी हमें जो जियोपॉलिटिकल तनाव दिख रहा है, यह जल्द ही और गंभीर रुख लेता दिख सकता है। पूरी दुनिया उम्मीद कर रही है कि यह एक स्थानीय मुद्दा बन कर रह जाएगा। लेकिन इस तथ्य से इनकार नहीं कर सकता है कि यह एक पूर्ण विकसित वैश्विक मुद्दा बन सकता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 20, 2023 पर 11:51 AM
Daily Voice : इस कंसोलीडेशन के दौर में निवेशकों के लिए खरीदारी के अच्छे मौके - संतोष जोसेफ
Daily Voice : इक्विटी मार्केट पर बात करते हुए संतोष ने कहा कि जियोपॉलिटिकल तनाव के अलावा उभरते बाजारों को ग्लोबल स्तर पर ब्याज दरों में हो रही बढ़त से भी खतरा है

Daily Voice : रिफोलियो इन्वेस्टमेंट्स एंड जर्मिनेट (Refolio Investments and Germinate) के संस्थापक और मैनेजिंग पर्टनर संतोष जोसेफ का कहना है कि बाजार में वर्तमान में चल रहा कंसोलीडेशन एक हेल्दी ट्रेंड हैं। इस करेक्शन में ऐसे निवेशकों के लिए निवेश के अवसर दिख रहे हैं जो पिछले 4-5 महीनों से बाजार में चल रही तेज रैली का फायदा उठाने में चूक गए हैं। कैपिटल और इक्विटी मार्केट का 20 सालों से ज्यादा का अनुभव रखने वाले संतोष जोसेफ ने मनीकंट्रोल को दिए गए इंटरव्यू में कहा कि सितंबर तिमाही के नतीजों के दौरान आई मैनेजमेंट की कमेंट्री से पता चलता है कि तमाम सेक्टरों और इंडस्ट्री में तमाम नए निवेश और विस्तार योजनाओं को आगे बढ़ाने की तैयारी है, ये बाजार और इकोनॉमी देनों के लिए बहुत अच्छा संकेत है।

मध्य-पूर्व और यूरोप में चल रहे जियोपॉलिटिकल तनाव पर बनी रहे नजर

मध्य-पूर्व और यूरोप में चल रहे जियोपॉलिटिकल तनाव और बाजार पर इसके असर पर बात करते हुए संतोष जोसेफ ने कहा कि अभी हमें जो जियोपॉलिटिकल तनाव दिख रहा है, यह जल्द ही और गंभीर रुख लेता दिख सकता है। पूरी दुनिया उम्मीद कर रही है कि यह एक स्थानीय मुद्दा बन कर रह जाएगा। लेकिन इस तथ्य से इनकार नहीं कर सकता है कि यह एक पूर्ण विकसित वैश्विक मुद्दा बन सकता है। युद्ध के पिछले 10 से 12 दिनों में अब तक इसका असर एक खास क्षेत्र और कच्चे तेल तक सीमित रहा है। अगर ये मामला सिर्फ इजराइल और हमास तक ही सीमित रहता है तो स्थितियां नियंत्रण में रहेंगी। लेकिन अगर इस संघर्ष में और दूसरे देशों की एंट्री हो जाती है तो बहुत बुरी स्थिति हो सकती है। जिससे हमारे बाजार भी अछूते नहीं रहेंगे।

100 डॉलर के ऊपर जा सकती हैं कच्चे तेल की कीमतें

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