Daily Voice : टोरस ओरो पीएमएस (Torus Oro PMS) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नितिन अग्रवाल (Nitin Agrawal) का मानना है कि देश को सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी स्थिति मेंनेटेन रखने में फाइनेंशियल सेक्टर 2024 में बड़ी भूमिका निभाएगा। भारत की ग्रोथ स्टोरी में इस सेक्टर का बड़ा योगदान होगा। उन्होंने आगे कहा कि फाइनेंशियल शेयर इस समय काफी अच्छे भाव पर मिल रहे हैं। आगे इनमें मजबूत ग्रोथ देखने को मिल सकती है। ऐसे में इन दांव लगाना चाहिए।
पावर सेक्टर एक जबरदस्त टर्नएराउंड स्टोरी
मनीकंट्रोल से हुई बातचीत में नितिन अग्रवाल ने आगे कहा कि टोरस इंडस्ट्रियल सेक्टर को लेकर भी बहुत बुलिश है क्योंकि भारत दुनिया की फैक्ट्री में तब्दील हो रहा है और पीएलआई (प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव) जैसी नीतियां उस इस दिशा में जोरदार सपोर्ट देंगी।
पोर्टफोलियो मैनेजमेंट और निवेश बैंकिंग का 12 सालों से ज्यादा का अनुभव रखने वाले नितिन का कहना है कि पावर सेक्टर एक जबरदस्त टर्नएराउंड स्टोरी बनने वाला है। इस सेक्टर को पोर्टफोलियो में जरूर शामिल करना चाहिए। भारत ने 2030 तक लगभग 800GW बिजली क्षमता का लक्ष्य रखा है, जो मौजूदा क्षमता से दोगुना है। आगे हमें बिजली सेक्टर की निजी कंपनियों की तरफ से तमाम विस्तार योजना का ऐलान होता दिख सकता है।
बाजार पर बात करते हुए नितिन अग्रवाल ने कहा कि 2023 एक ऐसा साल था जिसने पूंजी बाजार में तेजी की भावना और उम्मीदों को जगाया। पिछले कुछ सालों में इक्विटी निवेशकों के बीच कोविड, ब्याज दरों में भारी बढ़ोतरी, बिगड़ते मैक्रोज़, सप्लाई चेन में दिक्कत और रिकॉर्ड एफआईआई बिक्री के कारण काफी घबराहट थी। लेकिन 2023 में फिर से उम्मीदें जागती दिखीं। 2023 में उन निवेशकों को कोई परेशानी नहीं हुई जिनका भारत की लॉन्ग टर्म ग्रोथ स्टोरी पर विश्वास बना हुआ। हालांकि शॉर्ट टर्म में कुछ झटके जरूर लगे।
2024 में इक्विटी बाजारों में तेजी रहने की उम्मीद
अधिकांश नकारात्मक बातें दूर हो रही हैं। ऐसे समय में जब दूसरी अर्थव्यवस्थाए विकास के लिए संघर्ष कर रही हैं भारत के सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने की उम्मीद है। नितिन का मानना है कि ग्लोबल रेट साइकिल के चरम पर पहुंचने और ग्लोबल बाजारों में सुस्ती के बीत भारत एक आकर्षक निवेश डेस्टिनेशन के रूप में सुर्खियों में रहेगा। 2024 में इक्विटी बाजारों में तेजी रहने की उम्मीद है।
एफआईआई भारत की तरफ फिर करेंगे रुख
नितिन ने आगे कहा कि एफआईआई होल्डिंग्स पिछले कई सालों के निचले स्तर पर है। आगे ब्याज दरों में गिरावट और बेहतर ग्रोथ अवसरों के कारण 2024 में भारत में एफआईआई का पैसा वापस आ जाएगा।
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