Daily Voice: LGT Wealth के बॉस ने कहा, नए साल में शेयर बाजार में इन 3 सेक्टरों पर रहेगा फोकस

ब्रोकरेज फर्म एलजीटी वेल्थ इंडिया के एमडी और चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर राजेश चेरुवु का कहना है कि 2025 में कैपिटल एक्सपेंडिचर से जुड़े सेक्टरों (खास तौर पर प्राइवेट सेगमेंट में) पर फोकस रहेगा। इसके अलावा, उनका मानना है कि रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर भी आकर्षक नजर आ रहा है। खास तौर पर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रिब्यूशन सेगमेंट में भी अच्छी संभावना नजर आ रही है। चेरुव का कहना है कि कंजम्प्शन के भीतर कुछ सेगमेंट्स मसलन गोल्ड/ज्वैलरी/होटल पर भी फोकस रह सकता है

अपडेटेड Dec 28, 2024 पर 11:59 AM
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राजेश चेरुवु के पास फाइनेंशियल सर्विसेज इंडस्ट्री में दो दशकों का अनुभव है।

ब्रोकरेज फर्म एलजीटी वेल्थ इंडिया के एमडी और चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर राजेश चेरुवु का कहना है कि 2025 में कैपिटल एक्सपेंडिचर से जुड़े सेक्टरों (खास तौर पर प्राइवेट सेगमेंट में) पर फोकस रहेगा। इसके अलावा, उनका मानना है कि रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर भी आकर्षक नजर आ रहा है। खास तौर पर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रिब्यूशन सेगमेंट में भी अच्छी संभावना नजर आ रही है। चेरुव का कहना है कि कंजम्प्शन के भीतर कुछ सेगमेंट्स मसलन गोल्ड/ज्वैलरी/होटल पर भी फोकस रह सकता है। नवंबर 2024 में गोल्ड इंपोर्ट रिकॉर्ड हाई पर रहेगा।

राजेश चेरुवु के पास फाइनेंशियल सर्विसेज इंडस्ट्री में दो दशकों का अनुभव है। यह पूछे जाने पर कि क्या 2025 में शेयर बाजार को ज्यादा चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, उनका कहना था कि कंजम्प्शन, कंज्यूमर लेडिंग आदि मोर्चे पर चुनौतियों की वजह से वित्त वर्ष 2025 की दूसरी छमाही में अर्निंग सीजन सुस्त रह सकता है। हालांकि, कैलेंडर ईयर 2025 में ब्याज दरों में कटौती से बाजार को सहारा मिलेगा।

उनका कहना है कि कैलेंडर ईयर 2025 में चुनावी सरगर्मी में भी तेजी नहीं रहेगी। 2024 में जहां 8 राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए थे, वहीं 2025 में सिर्फ दिल्ली और बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। यह पूछे जाने पर कि केंद्रीय बजट में किन सेगमेंट पर फोकस किया जाएगा, चेरुवु का कहना था कि नए रेवेन्यू सेक्रेटरी अरुनीश चावला टैक्स रेवेन्यू बजटिंग के मोर्चे पर कुछ कर सकते हैं। साथ ही, प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों का प्रॉफिट बढ़ाने के लिए भी कुछ उपायों का ऐलान किया जा सकता है। मुमकिन है कि कॉरपोरेट टैक्स के मोर्चे पर राहत दी जाए।


क्या रिजर्व बैंक 2025 में ब्याज दर में कटौती को 0.50 पर्सेंट तक ही सीमित रखेगा, इस बारे में चेरुवु का कहना था कि 0.50 पर्सेंट की कटौती का अनुमान थोड़ा ज्यादा लग रहा है। दरअसल, अमेरिका में ट्रंप की फिस्कल नीतियों की वजह से इनफ्लेशन में बढ़ोतरी हो सकती है, लिहाजा फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती का मामला सीमित रख सकता है।

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