Daily Voice : भारतीय कंपनियां इस समय अपनी कुल स्थापित क्षमता के लगभग 76-78 फीसदी के स्तर पर काम कर रही हैं। अगर यह लेवल 80 फीसदी से ऊपर जाता है तो भारतीय कंपनियों को अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर काम करना होगा। इसके चलते आगे भारतीय इकोनॉमी में प्राइवेट सेक्टर की तरफ से होने वाले पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) में जोरदार बढ़त होती दिखेगी। ये बातें मनीकंट्रोल के साथ एक साक्षात्कार में नारनोलिया फाइनेंशियल सर्विसेज (Narnolia Financial Services) के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफीसर शैलेन्द्र कुमार (Shailendra Kumar) ने कही हैं।
