Daily Voice : वित्त वर्ष 2024 के अंत में दरों में कटौती की उम्मीद, RBI बढ़ाएगा पूरे साल का जीडीपी ग्रोथ अनुमान

Daily Voice : भारत में इकोनॉमिक साइकिल आम तौर पर पूंजीगत व्यय साइकिल पर निर्भर करता है। लगभग एक दशक की लंबी अवधि की मंदी के बाद हाल के सालों में कैपेक्स साइकिल में सकारात्मक सुधार देखने को मिला है। देश में राजनीतिक स्थिरता और नीतियों में निरंतरता कायम रहने की संभावना मजबूत है। इसके चलते देश में विकास कार्यों पर होने वाले खर्च में अगले कई सालों तेजी बनी रहने की उम्मीद है

अपडेटेड Dec 05, 2023 पर 11:50 AM
Daily Voice : अनिल का मानना है भारतीय बाजार के फंडामेंटल्स काफी मजबूत हैं। इसको देखते हुए बाजार में लंबे समय तक तेजी जारी रहने की संभावना है।

राइट होराइजन्स के फाउंडर और फंड मैनेजर अनिल रेगो ने मनीकंट्रोल के साथ एक साक्षात्कार में कहा है कि महंगाई धीरे-धीरे कम हो रही है, लेकिन यह अभी भी लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है। ऐसे में उम्मीद है कि ब्याज दरें स्थिर रहेंगी और वित्तीय वर्ष के अंत में इनमें कटौती शुरू होगी। उनका मानना है कि वित्तीय वर्ष 2024 की दूसरी तिमाही में उम्मीद से ज्यादा मजबूत आर्थिक ग्रोथ देखने को मिली है। ऐसे में आरबीआई इस साल के लिए जीडीपी पूर्वानुमान को बढ़ा सकता है। वित्त वर्ष 2024 की पहली छमाही की जीडीपी ग्रोथ रेट 7.7 फीसदी रह सकती है।

2024 में बिल्डिंग मटेरियल से जुड़े शेयरों में जोरदार तेजी की उम्मीद

इक्विटी मार्केट का करीब तीन दशकों का अनुभव रखने वाले अनुभवी निवेशक अनिल की राय है कि बुनियादी ढांचे, शहरीकरण और आवास और कमर्शियल रियल एस्टेट बाजारों में सुधार के कारण 2024 में बिल्डिंग मटेरियल से जुड़े शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिल सकती है। सरकार ट्रांसपोर्ट इंफ्रा प्रोजेक्ट्स में भारी निवेश कर रही है। इससे पूरे भारत में रियल एस्टेट बाजार को फायदा हो रहा है। खासकर टियर-2 और टियर-3 शहरों में इससे ज्यादा फायदा हो रहा है। प्लास्टिक और मेटल पाइपों की भारी मांग देखने को मिल रही है। पेंट कंपनियां की मांग में भी जोरदार तेजी देखने को मिल रही है।


बाजार में लंबे समय तक तेजी जारी रहने की संभावना

बाजार पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि भारत में इकोनॉमिक साइकिल आम तौर पर पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) साइकिल पर निर्भर करता है। लगभग एक दशक की लंबी अवधि की मंदी के बाद हाल के सालों में कैपेक्स साइकिल में सकारात्मक सुधार देखने को मिला है। देश में राजनीतिक स्थिरता और नीतियों में निरंतरता कायम रहने की संभवना मजबूत है। इसके चलते देश में विकास कार्यों पर होने वाले खर्च में अगले कई सालों तक तेजी बनी रहने की उम्मीद है। ऐसे में कैपेक्स साइकिल से जुड़े शेयरों में आगे अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है। अनिल का मानना है भारतीय बाजार के फंडामेंटल्स काफी मजबूत हैं। इसको देखते हुए बाजार में लंबे समय तक तेजी जारी रहने की संभावना है।

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आईपीओ बाजार में आगे भी रहेगी तेजी

प्राइमरी मार्केट पर बात करते हुए अनिल में कहा कि आईपीओ बाजार में उछाल का श्रेय पिछले दो सालों से बाजार में छाए उत्साह और भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती में बढ़े ग्लोबल विश्वास को दिया जा सकता है। निवेशक नए सूचीबद्ध शेयरों में इस आशा के साथ पैसे लगा रहे हैं कि इकोनॉमी में मजबूती के साथ आगे इन शेयरों में तेजी आएगी। 2023 की अपेक्षाकृत शांत शुरुआत के बाद, आईपीओ बाजार ने हाल ही में तेजी पकड़ी है। मजबूत पाइपलाइन को देखते हुए लगता है कि यह तेजी आगे भी जारी रहेगी। हालांकि, जब वैल्यूएशन बहुत ज्यादा हों तो सतर्क हो जाना चाहिए।

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