Daily Voice: उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2024 में खुदरा महंगाई दर RBI की निर्धारित सीमा के ऊपरी छोर पर आ जाएगी। ऐसे में अप्रैल में ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी के बाद आरबीआई एक विराम लेगा। इस दौरान RBI अब तक ब्याज दरों में की गई बढ़ोतरी के असर की जांच करेगा। फिर इस जांच के निष्कर्षों के आधार पर वित्त वर्ष 2024 के अंत तक ब्याज दरों में कटौती की शुरुआत देखने को मिल सकती है। ये बातें राइट हेरीजोन्स के अनिल रेगो ने मनीकंट्रोल के साथ हुई बातचीत में कही हैं। चौथी तिमाही के नतीजों पर बात करते हुए उन्होंने कहा था कि अगले हफ्ते से चौथी तिमाही के नतीजे आने शुरू हो जाएंगे। उनका मानना है कि यह तिमाही FMCG सेक्टर के लिए सुस्त रह सकती है।
लंबी अवधि के नजरिए से कैपिटल गुड्स को लेकर काफी बुलिश
अनिल रेगो लंबी अवधि के नजरिए से कैपिटल गुड्स को लेकर काफी बुलिश हैं। उनका कहना है कि अगले कुछ सालों में हमें इंफ्रास्ट्रक्टचर, पावर, रिन्यूएबल एनर्जी, पेट्रोकेमिकल, डिफेंस सेक्टर में भारी निवेश होता नजर आ सकता है। ऐसे में उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2023 की चौथी तिमाही में उन कैपिटल गुड्स कंपनियों के रेवेन्यू में जबरदस्त ग्रोथ देखने को मिल सकती है जिनकी ऑर्डर बुक मजबूत है। रेगो का कहना है कि कैपिटल गुड्स सेक्टर में भी हमें उन कंपनियों पर दांव लगाना चाहिए जिनकी ऑर्डर बुक डाइवर्सीफाइड और मजबूत हो। उन्होंने आगे कहा कि इन कंपनियों को कीमत में बढ़ोतरी ऑपरेटिंग लिवरेज और कमोडिटी की गिरती कीमतों का फायदा मिलेगा।
ऑटो सेक्टर के लिए शहरी क्षेत्रों की मांग में जोरदार रिकवरी
ऑटो सेक्टर पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह सेक्टर शहरी क्षेत्रों की मांग में जोरदार रिकवरी और प्रीमियम सेगमेंट और पर्सनल मोबिलिटी के वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता के कारण आगे सुर्खियों में रहेगा। आगे हमें पैसेंजर व्हीकल और प्रीमियम सेगमेंट के दो पहिया वाहनों की बिक्री मैं बढ़त दिख सकती है। वहीं एंट्री और मिड लेवल की बाइक और हल्के कमर्शियल वाहनों की बिक्री पर दबाव दिख सकता है। ऐसे में हमें इन बातों को ध्यान में रखकर ऑटो सेक्टर पर दांव लगाना चाहिए।
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