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Daily Voice: इस इन्वेस्टमेंट एडवाइजर को तीन सेक्टर्स के छोटे-मझोले शेयर लग रहे अच्छे, जानिए वजह

Daily Voice: आगे बाजार की चाल कैसी रहेगी ये विभिन्न कारकों पर निर्भर करेगा। इनमें ग्लोबल और घरेलू आर्थिक स्थितियां, केंद्रीय बैंकों की नीति में बदलाव, कॉर्पोरेट प्रदर्शन और निवेशकों का सेंटीमेंट शामिल हैं। भारत में स्टील कंपनियों के लिए माहौल फिलहाल आशाजनक नजर आ रहा है। बुनियादी ढांचे के विकास, शहरीकरण में तेजी और लॉजिस्टिक्स पार्कों पर सरकार के फोकस के चलते स्टील की मांग में बढ़त हुई है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Jul 03, 2023 पर 12:30 AM
Daily Voice: इस इन्वेस्टमेंट एडवाइजर को तीन सेक्टर्स के छोटे-मझोले शेयर लग रहे अच्छे, जानिए वजह
एआई सिर्फ एक टेक्नोलॉजिकल स्टोरी नहीं है बल्कि यह क्रांतिकारी बदलाव है जो दुनिया भर में तमाम तरह की इंडस्ट्री में बड़े बदलाव करने के लिए तैयार है

Daily Voice: मनीकंट्रोल के साथ एक इंटरव्यू में राइट रिसर्च की फाउंडर सोनम श्रीवास्तव ने जोर देकर कहा कि टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में वर्तमान स्थिति में अवसर और चुनौतियां दोनों ही हैं। ऐसे में निवेशकों को कंपनियों के फंडामेंटल्स, ब्रॉडर मार्केट की स्थितियों और बनते बिगड़ते ग्लोबल इकोनॉमिक फैक्टर्स के ध्यान में रखते हुए टेक शेयरों पर सतर्क रुख बनाए रखना चाहिए। उनका मानना है कि वित्त वर्ष 2024 की दूसरी तिमाही के बाद टेक शेयरों में कुछ उछाल आ सकता है। इसकी मुख्य वजह ग्लोबल इकोनॉमी में संभावित उछाल होगी। लेकिन टेक शेयरों पर दांव लगाते समय हमें आगे की संभावित चुनौतियों के भी ध्यान में रखना होगा।

खपत से जुड़े कुछ शेयरों और कुछ टेक शेयरों का वैल्यूएशन महंगा

क्वांटिटेटिव और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट का 11 सालों से ज्यादा अनुभव रखने वाले सोनम का कहना है कि कैपेक्स साइकिल में आ रही तेजी को देखते हुए इस समय मैन्यूफैक्चरिंग, बैंकिंग, इंफ्रा और इससे जुड़े सेक्टरों के मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक काफी अच्छे दिख रहे हैं। जबकि खपत से जुड़े कुछ शेयरों और कुछ टेक शेयरों का वैल्यूएशन काफी बढ़ा हुआ नजर आ रहा है।

क्या इक्विटी बाजार अब ओवरबॉट लग रहा है? क्या आपको आने वाले महीनों में इक्विटी बाजारों में किसी बड़े करेक्शन की उम्मीद है? इस पर सोनम ने कहा कि आगे बाजार की चाल कैसी रहेगी ये विभिन्न कारकों पर निर्भर करेगा। इनमें ग्लोबल और घरेलू आर्थिक स्थितियां, केंद्रीय बैंकों की नीति में बदलाव, कॉर्पोरेट प्रदर्शन और निवेशकों का सेंटीमेंट शामिल हैं।

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