BBC formula of investment: शेयरों में इनवेस्टमेंट से करोड़ों कमाना मुश्किल नहीं है। इसके लिए आपको सबसे पहले खुद को मानसिक रूप से तैयार करने की जरूरत है। वीकेंड इनवेस्टिंग (Weekend Investing) के आलोक जैन (Alok Jain) ने इनवेस्टर्स खासकर नए निवेशकों को कुछ सलाह दी है। उनका कहना है कि अगर आपके अब तक इनवेस्ट नहीं किया है तो इनवेस्ट करना शुरू कर दीजिए। अगर आपके पास एकमुश्त पैसा (Lumpsum amount) है तो आपको उसे एक बार में इनवेस्ट करने के बजाय धीरे-धीरे निवेश करने की जरूरत है। जैन को स्टॉक मार्केट्स का 27 साल से ज्यादा अनुभव है। मनीकंट्रोल ने जैन से स्टॉक मार्केट के मौजूदा हालात और निवेश के बारे में व्यापक बातचीत की। उनसे यह भी पूछा कि अभी निवेशकों को किन कंपनियों के शेयरों में पैसा लगाना चाहिए।
जैन ने कहा कि सही तरीके से निवेश करने के लिए इनवेस्टर्स के पास चार सवालों के स्पष्ट जवाब होने चाहिए। इनमें पहला है, क्या खरीदना है, दूसरा है कब खरीदना है, तीसरा है कितना खरीदना है और आखिर में कब बेचना है। अगर किसी इनवेस्टर के पास इन चारों सवालों के जवाब हैं तो फिर इनवेस्टमेंट में उसे मजा आने लगेगा। अगर आप अपने पोर्टफोलियो में सममय-समय पर सुधार करते हैं तो फिर आपको कभी नाकामी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि एक इंडेक्स सेल्फ करेक्टिंग पोर्टफोलियो का अच्छा उदाहरण है। इसमें हर छह महीने में कमजोर कंपनी की जगह मजबूत कंपनी ले लेती है। इस वजह से पोर्टफोलियो को बड़ा नुकसान नहीं पहुंचता है।
किसी शेयर या सेक्टर से भावनात्मक लगाव नहीं
उन्होंने कहा वीकेंड इनवेस्टिंग में हम निवेश की ऐसी रणनीति अपनाते हैं, जिसमें किसी कंपनी या सेक्टर को लेकर हमारा कोई भावनात्मक लगाव नहीं होता है। इसका मतलब है कि किसी शेयर को लेकर हमारा कोई पूर्वाग्रह नहीं होता। हमारे इस फॉर्मूला को आप BBC कह सकते हैं। इसका मतलब है-भाव भगवान छे। दरअसल, यह गुजराती का एक लोकप्रिय मुहावरा है, जिसका मतलब है कि कीमत भगवान है (Price is god)। हम अपने पोर्टफोलियो में अलग-अलग सेक्टर के शेयरों को शामिल करते हैं। लेकिन, हम पोर्टफोलियो में बदलाव करने को लेकर हमेशा फ्री होते हैं। हम कभी नुकसान उठाने वाले शेयरों से चिपके नहीं रहते हैं।
इन शेयरों में दिख रहे निवेश के मौके
यह पूछने पर कि अभी किन शेयरों में निवेश के मौके दिख रहे हैं, जैन ने कहा कि डिफेंस, पीएसयू बैंक और सरकारी कंपनियों के शेयरों में अच्छी संभावना दिख रही है। हालांकि, फ्यूचर के बारे में ठीक-ठीक अनुमान लगाना मुश्किल है, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए उपर्युक्त सेक्टर अच्छे दिख रहे हैं। आपको यह समझना होगा कि इंडियन स्टॉक मार्केट अपने 52 हफ्ते के हाई के करीब है। उधर, दूसरे देशों के बाजार अपने 52 हफ्ते के लो के करीब हैं। इससे इंडियन इकोनॉमी की ताकत का पता चलता है। दुनिया इंडिया को ऐसे देश के रूप में देख रही है, जो इस दशक में दुनिया को नेतृत्व प्रदान कर सकता है।