सॉवरेन फंडों के लिए अमेरिका के बाद इंडिया दूसरा सबसे पसंदीदा बाजार

इनवेस्को की इस स्टडी से ये भी पता चलता है कि पिछले दशक में सॉवरेन वेल्थ फंड्स के गठन में भी लगातार बढ़त देखने को मिली है। जिनमें करीब एक दर्जन फंड अफ्रीका में स्थापित किए गए

अपडेटेड Nov 21, 2022 पर 12:21 PM
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सॉवरेन निवेशकों की पसंद की सूचि में भारत 2014 के 9 वें पायदान से उछल कर दूसरे पायदान पर आ गया है। वहीं चीन 6वें नंबर पर है

एसेट मैनेजर इनवेस्को (Invesco) की सोमवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक निवेश के लिहाज से 2022 में सॉवरेन वेल्थ फंडों (sovereign wealth funds)और पब्लिक पेंशन फंडों के लिए अमेरिका के बाद भारत दूसरा सबसे पसंदीदा बाजार रहा है। इस रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि सॉवरेन फंडों का एयूएम (AUM) इस समय करीब 33 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 33 लाख करोड़ रुपए है। इन सॉवरेन फंडों की तरफ से प्राइवेट बैंकों में किए जाने वाले निवेश में काफी तेज बढ़त देखने को मिली है। लेकिन ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी के साथ फिक्सड इनकम में होने वाली बढ़त के चलते इस निवेश में सुस्ती आ सकती है।

ग्लोबल वित्तीय संकट के बाद बाजार में आई तेजी का मिला फायदा

इन्वेस्को के हेड ऑफ ऑफीसियल इंस्टीट्यूशन रॉड रिंगरो ( Rod Ringrow)का कहना है कि पिछले 10 सालों के दौरान सॉवरेन निवेशकों ने जोरदार निवेश किया है। इसमें ग्लोबल वित्तीय संकट के बाद बाजार में आई तेजी के माहौल का अहम योगदान रहा।


 सॉवरेन निवेशकों का सालाना औसत रिटर्न 6.5 फीसदी रहा 

इन्वेस्को की इस स्टडी से निकल कर आया है कि पिछले 10 सालों में सॉवरेन निवेशकों का सालाना औसत रिटर्न 6.5 फीसदी रहा है। इसमें भी अकेले सॉवरेन वेल्थ फंडों के पिछले 10 साल के सालाना औसत रिटर्न पर नजर डालें तो ये 10 फीसदी पर रहा है। हालांकि उच्च महंगाई दर और कठोर मौद्रिक नीतियों के चलते 2022 में लॉन्ग टर्म के अनुमानित रिटर्न को झटका लग सकता है। ऐसे में सॉवरेन निवेशकों के लिए 2022 एक टर्निंग प्वाइंट साबित हो सकता है।

सॉवरेन निवेशकों के लिए US मार्केट पहली पसंद

इस स्टडी से निकल कर आया है कि हालांकि सॉवरेन निवेशकों के लिए US मार्केट पहली पसंद रहा है। लेकिन कुछ सॉवरेन निवेशक अब अपने पोर्टफोलियो की रिबैलेंसिंग करना चाहते हैं। उनको लगता है कि वे अमेरिकी बाजारों में अतिविश्वास कर रहे हैं। जिसकी वजह से उनको अमेरिकी इक्विटी बाजार में इस साल आ सकने वाली किसी बड़ी गिरावट से खतरा हो सकता है। बता दें कि इसके पहले 2014 UK सॉवरेन निवेशकों का सबसे पसंदीदा बाजार था।

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विकासशील देशों में भारत ने चीन को पछाड़ा

इस स्टडी में ये भी कहा गया है कि उभरते बाजारों को सॉवरेन निवेशकों के रुख में हुए इस बदलाव का फायदा मिलेगा। विकासशील देशों में भारत ने चीन को पछाड़ते हुए सॉवरेन निवेशकों के सबसे पसंदीदा बाजार का दर्जा हासिल कर लिया है। सॉवरेन निवेशकों की पसंद की सूचि में भारत 2014 के 9 वें पायदान से उछल कर दूसरे पायदान पर आ गया है। वहीं चीन 6वें नंबर पर है।

सॉवरेन वेल्थ फंड्स की संख्या भी बढ़ी

इन्वेस्को की इस स्टडी से ये भी पता चलता है कि पिछले दशक में सॉवरेन वेल्थ फंड्स के गठन में भी लगातार बढ़त देखने को मिली है। जिनमें करीब एक दर्जन फंड अफ्रीका में स्थापित किए गए। इनमें से 11 के पास स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को विकसित करने का स्ट्रटीजिक मैंडेट है।

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