Share Market Fall: दो दिन की बढ़त के बाद बाजार लाल, सेंसेक्स 161 अंक गिरा; निवेशकों ने गंवाए ₹1.67 लाख करोड़

Share Market Fall: बाजार को पहले IT शेयरों में अच्छी खरीद, FIIs के बायर बनने जैसे फैक्टर्स से सहारा मिला। लेकिन फिर प्रॉफिट बुकिंग, कच्चे तेल के भाव में तेजी और रुपये में गिरावट जैसे फैक्टर्स ने सेलिंग प्रेशर बनाया

अपडेटेड May 15, 2026 पर 4:13 PM
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कारोबार बंद होने पर सेंसेक्स 160.73 अंक गिरकर 75,237.99 पर सेटल हुआ।

​दो दिन तेजी दर्ज करने के बाद शुक्रवार, 15 मई को शेयर बाजार गिरावट में बंद हुआ। बाजार ने शुरुआत बढ़त में की और दिन में भी अच्छी तेजी दिखी। लेकिन जैसे-जैसे क्लोजिंग का टाइम आया, बिकवाली होने लगी और बाजार लाल निशान में आ गया। सेंसेक्स 160.73 अंक गिरकर 75,237.99 पर और निफ्टी 46.10 अंक टूटकर 23,643.50 पर बंद हुआ।

दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 471.64 अंक तक उछलकर 75,870.36 के हाई तक गया। इसी तरह निफ्टी लगभग 150 अंक उछलकर 23,839.30 के हाई तक गया। बाजार को पहले IT शेयरों में अच्छी खरीद, FIIs के बायर बनने जैसे फैक्टर्स से सहारा मिला। लेकिन फिर प्रॉफिट बुकिंग, कच्चे तेल के भाव में तेजी और रुपये में गिरावट जैसे फैक्टर्स ने सेलिंग प्रेशर बनाया।

मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप घटकर 4,60,55,384.98 करोड़ रुपये रह गया। एक दिन पहले गुरुवार को मार्केट कैप 4,62,22,865.061 करोड़ रुपये रहा था। यानि कि 1,67,480.081 करोड़ रुपये की कमी आई।


किन वजहों से आई गिरावट

प्रॉफिट बु​किंग: शेयर बाजार में पहले 2 दिन और फिर शुक्रवार की तेजी देखते हुए निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली की। इससे अचानक बाजार में धड़ाधड़ बिकवाली होने लगी।

रुपये का भाव: अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया शुक्रवार को दोपहर के कारोबार में पहली बार 96.14 प्रति डॉलर के ​रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। बाद में रुपया 30 पैसे की कमजोरी के साथ 95.94 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, डॉलर की मजबूती और अमेरिकी पॉलिसी मेकर्स की सख्त टिप्पणियों के बीच रुपये की वैल्यू में गिरावट आई। गुरुवार को रुपया 2 पैसे की मामूली बढ़त के साथ 95.64 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी: वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 3.20 प्रतिशत चढ़कर 109.20 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इससे महंगाई बढ़ने की चिंता एक बार फिर बढ़ गई।

एशियाई बाजारों की गिरावट: एशियाई बाजारों में गिरावट है। KOSPI में 6 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट है। निक्केई 225 3 प्रतिशत और हेंग सेंग 2 प्रतिशत की गिरावट में है। ताइवान वेटेड, शंघाई कंपोजिट और सेट कंपोजिट 1 प्रतिशत से ज्यादा फिसले हैं।

भू-राजनीतिक चिंताएं: भू-राजनीतिक तनाव बाजारों पर हावी रहा। गुरुवार को संयुक्त अरब अमीरात के तट के पास ईरानी कर्मियों द्वारा कथित तौर पर एक जहाज को जब्त कर लिया गया। अमेरिका ने भी युद्ध समाप्त करने के लिए ईरान द्वारा भेजे गए 14-सूत्रीय प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई मीटिंग से कोई बड़ी सफलता न मिलने के बाद निवेशक सतर्क रहे।

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गुरुवार को कैसी रही थी बाजार की चाल

एक दिन पहले यानि कि गुरुवार को सेंसेक्स 789.74 अंक या 1.06 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,398.72 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 277 अंक या 1.18 प्रतिशत चढ़कर 23,689.60 पर बंद हुआ।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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