Damani Stocks: राधाकिशन दमानी का नाम आते ही सबसे पहले DMart की याद आती है। लेकिन उनकी कुछ छोटी और कम चर्चित होल्डिंग्स भी हैं। इनमें Mangalam Organics और Bhagiradha Chemicals शामिल हैं। दोनों ऐसी केमिकल कंपनियां हैं, जिनका कारोबार खास प्रोडक्ट्स पर है। आइए जानते हैं कि आपको इन कंपनियों पर क्यों नजर रखनी चाहिए।
Mangalam Organics पाइन केमिस्ट्री से जुड़े प्रोडक्ट बनाती है। कंपनी कपूर, डिपेंटीन, सोडियम एसीटेट और रेजिन जैसे प्रोडक्ट तैयार करती है। इसका दावा है कि ये दुनिया की सबसे बड़ी कपूर निर्माता है।
दमानी के पास मार्च 2026 तक कंपनी में करीब 2.2% हिस्सेदारी थी। दिसंबर 2025 में उनकी हिस्सेदारी 1% से नीचे चली गई थी, लेकिन बाद में उन्होंने फिर हिस्सेदारी बढ़ाई। मौजूदा कीमतों पर यह हिस्सेदारी करीब 10 करोड़ रुपये की है।
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो पिछले पांच वर्षों में कंपनी की बिक्री 338 करोड़ रुपये से बढ़कर 623 करोड़ रुपये पहुंच गई। हालांकि मुनाफे में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। FY23 में कंपनी को 27 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। FY26 में 26 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया गया। कंपनी विस्तार पर खर्च कर रही है, जिसकी वजह से कर्ज बढ़ा है और फ्री कैश फ्लो दबाव में है।
शेयर अपने 1,300 रुपये के ऑल-टाइम हाई से करीब 60% से ज्यादा नीचे कारोबार कर रहा है। फिलहाल इसका PE करीब 15 है, जो इंडस्ट्री औसत 23 के मुकाबले कम है।
Bhagiradha Chemicals एग्रोकेमिकल एक्टिव इंग्रीडिएंट्स बनाती है। कंपनी के पास 30 से ज्यादा प्रोडक्ट्स का पोर्टफोलियो है। यह अमेरिका, ब्राजील, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में निर्यात करती है।
दमानी ग्रुप की कंपनी Derive Trading and Resorts के जरिए इसमें करीब 3.3% हिस्सेदारी रखी गई है। यह हिस्सेदारी 2024 से लगभग स्थिर बनी हुई है। इसकी वैल्यू करीब 74 करोड़ रुपये आंकी गई है।
पिछले पांच वर्षों में कंपनी की बिक्री 318 करोड़ रुपये से बढ़कर 536 करोड़ रुपये हो गई। हालांकि एग्रोकेमिकल सेक्टर में सुस्ती के चलते मुनाफा दबाव में रहा। FY26 में नई क्षमता शुरू होने के बाद कंपनी की ग्रोथ पर बाजार की नजर है। शेयर अपने 448 रुपये के रिकॉर्ड स्तर से करीब 42% नीचे है।
कंपनी का PE करीब 185 है, जो काफी ऊंचा माना जाता है। प्रमोटर हिस्सेदारी भी 20% से नीचे है और हाल के वर्षों में इसमें गिरावट आई है। ऐसे में निवेशकों की नजर नई क्षमता के इस्तेमाल और मुनाफे में सुधार पर रहेगी।
निवेशकों को क्यों रखनी चाहिए नजर
दोनों ने हाल के वर्षों में क्षमता बढ़ाने पर बड़ा निवेश किया है। अगर मांग में सुधार आता है और नई क्षमता का पूरा इस्तेमाल होता है, तो रेवेन्यू और मुनाफे में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
वहीं, राधाकिशन दमानी की मौजूदगी भी इन शेयरों से उम्मीदें जगाती है। हालांकि, आपको सिर्फ बड़े के नाम की वजह से किसी शेयर पर दांव नहीं लगाना चाहिए। कंपनी के नतीजों, कर्ज और कारोबार की प्रगति पर भी नजर रखनी चाहिए। जब सारी चीजें बेहतर लगे, तभी एंट्री लेनी चाहिए। तब तक ऐसे शेयरों को आप अपने वॉचलिस्ट में रख सकते हैं।
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