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Chemical Stocks: धमाकेदार रिजल्ट लेकिन मोतीलाल ओसवाल की सेल रेटिंग, 16% टूटेगा यह शेयर, आपके पास है?

Chemical Stocks: इस वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में ऑपरेटिंग लेवल पर धमाकेदार परफॉरमेंस के बावजूद घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने इस केमिकल कंपनी के शेयरों को बेचने की सलाह दी है। जून तिमाही में कंपनी का ईबीआईटीडीए दोगुना से अधिक बढ़ गया लेकिन टारगेट प्राइस के हिसाब से इसके शेयर मौजूदा लेवल से 16% से अधिक टूट सकते हैं। डिटेल्स में पढ़ें

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Aug 09, 2026 पर 12:25 PM
Chemical Stocks: धमाकेदार रिजल्ट लेकिन मोतीलाल ओसवाल की सेल रेटिंग, 16% टूटेगा यह शेयर, आपके पास है?
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज का कहना है कि Deepak Nitrite का ऑपरेटिंग परफॉरमेंस कम बेस के चलते जून तिमाही में सालाना आधार पर उम्मीद से बेहतर रहा। (File Photo- Pexels)

Deepak Nitrite Share Price: दिग्गज केमिकल कंपनी दीपक नाइट्राइट के लिए इस वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत धमाकेदार रही। इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में में कंपनी ने ऑपरेटिंग लेवल पर धमाकेदार परफॉरमेंस दिखाया और इसका ईबीआईटीडीए ढाई गुना से अधिक बढ़ गया। शेयरों की बात करें तो अपनी 6 अगस्त की रिपोर्ट में घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने इसकी सेल रेटिंग को बरकरार रखा है। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले शुक्रवार 7 अगस्त को बीएसई पर यह 2.62% की बढ़त के साथ ₹1,795.50 पर बंद हुआ है।

किस भाव तक टूट सकता है Deepak Nitrite का शेयर

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज का कहना है कि दीपक नाइट्राइट का ऑपरेटिंग परफॉरमेंस कम बेस के चलते जून तिमाही में सालाना आधार पर उम्मीद से बेहतर रहा। जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर कंपनी का ईबीआईटीडीए कंसालिडेटेड लेवल पर 2.8 गुना बढ़कर ₹189.6 करोड़ से ₹540.2 करोड़ और मार्जिन 10.0% से 21.0% पर पहुंच गया। इसके ईबीआईटीडीए को फोनॉलिक सेगमेंट में सालाना आधार पर 3.5 गुना और एडवांस्ड इंटरमीडिएट्स सेगमेंट में 89% की ईबीआईटी ग्रोथ से सपोर्ट मिला। इसे बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और ऑपरेटिंग लेवरेज के साथ-साथ बेहतर फिनॉल और बेंजीन स्प्रेड्स से सपोर्ट मिला।

आगे को लेकर ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि इंडस्ट्री के सामने आने वाली शॉर्ट-टर्म चुनौतियों और बदलते जियोपॉलिटिकल हालात कंपनी की परफॉर्मेंस पर असर डाल सकते हैं, लेकिन इसका कुल असर सीमित रहेगा। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक लगातार प्रोसेस में सुधार, बैकवर्ड इंटीग्रेशन से मिलने वाले फायदे, मैन्युफैक्चरिंग की बेहतर क्षमता, लागत को सही ढंग से कंट्रोल करना, घरेलू और एक्सपोर्ट मार्केट में ग्राहकों की बढ़ती इंक्वायरी और नए प्रोडक्ट्स का कमर्शियलाइजेशन से इसे सपोर्ट मिलेगा।

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