Defence Stocks: सरकार ₹1.1 लाख करोड़ की डिफेंस खरीद करेगी, Kotak इन स्टॉक्स पर बुलिश
Defence Stocks: सरकार की ₹1.1 लाख करोड़ की डिफेंस खरीद से HAL, BEL और BEML समेत कई कंपनियां फोकस में हैं। Kotak के मुताबिक HAL सबसे बड़ा सिंगल-टिकट बेनेफिशियरी है। BEL को कई प्रोजेक्ट्स से फायदा मिल सकता है। ऑर्डर मिलने में समय लगेगा।
Tata Group की कंपनियां भी लैंड मोबिलिटी से जुड़े प्रोजेक्ट्स में संभावित लाभार्थी हैं।
Defence Stocks: भारत के डिफेंस सेक्टर के लिए बड़ी खरीदारी को मंजूरी मिली है। रक्षा मंत्रालय की Defence Acquisition Council (DAC) ने करीब ₹1.1 लाख करोड़ के प्रोक्योरमेंट प्रस्तावों को मंजूरी दी है। यह खरीद सेना, नौसेना और वायुसेना के लिए होगी। खास बात यह है कि करीब 98% खरीदारी घरेलू कंपनियों से की जाएगी। इससे डिफेंस कंपनियों के लिए आने वाले समय में ऑर्डर के मौके बढ़ सकते हैं।
ब्रोकरेज Kotak Institutional Equities के मुताबिक, इस पैकेज का सबसे ज्यादा फायदा Bharat Electronics (BEL) और Hindustan Aeronautics (HAL) को मिल सकता है। इसके अलावा लैंड सिस्टम से जुड़ी कंपनियां भी फायदे में रह सकती हैं। हालांकि, अभी इसे पक्का ऑर्डर नहीं माना जा सकता। AoN खरीद प्रक्रिया की शुरुआती मंजूरी है।
Bharat Electronics (BEL)
Bharat Electronics (BEL) को इस पैकेज से कई प्रोजेक्ट्स में फायदा मिल सकता है। इनमें Arudhra रडार, ग्राउंड बेस्ड जैमर, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और सिक्योर एक्सेस कार्ड शामिल हैं। इसलिए Kotak ने इसे बड़े मल्टी-आइटम बेनेफिशियरी के तौर पर देखा है।
कंपनी FY27 में अब तक करीब ₹6,200 करोड़ के ऑर्डर हासिल कर चुकी है। इससे ऑर्डर विजिबिलिटी मजबूत है। हालांकि, Kotak की BEL पर ‘Reduce’ रेटिंग है।
Hindustan Aeronautics (HAL)
Hindustan Aeronautics (HAL) को Kotak इस पैकेज का सबसे बड़ा सिंगल-टिकट बेनेफिशियरी मानता है। इसकी बड़ी वजह ALH Dhruv है। HAL इस हेलिकॉप्टर की इकलौती OEM है।
इसके अलावा मरीन गैस टर्बाइन असेंबली और भारतीय वायुसेना के प्लेटफॉर्म अपग्रेड से भी कंपनी को फायदा मिल सकता है। Kotak ने HAL को डिफेंस सेक्टर की अपनी पसंदीदा कंपनी बताया है। इस पर ब्रोकरेज की ‘Add’ रेटिंग है।
BEML
BEML को लैंड सिस्टम से जुड़े प्रोजेक्ट्स का फायदा मिल सकता है। इनमें हाई मोबिलिटी व्हीकल, सेल्फ-प्रोपेल्ड माइन लेयर्स, ट्रॉल टैंक और Sarvatra Bridge System शामिल हैं।
Kotak के मुताबिक, लैंड मोबिलिटी का यह पैकेज काफी बड़ा है। ऐसे में BEML के लिए आगे नए ऑर्डर मिलने के मौके बन सकते हैं। हालांकि, वास्तविक फायदा कॉन्ट्रैक्ट मिलने के बाद ही साफ होगा।
Larsen & Toubro (L&T)
प्राइवेट सेक्टर L&T भी लैंड सिस्टम से जुड़े प्रोजेक्ट्स की संभावित लाभार्थी है। कंपनी को हाई मोबिलिटी व्हीकल, माइन लेयर्स और ब्रिज सिस्टम जैसे प्रोजेक्ट्स से फायदा मिल सकता है।
घरेलू खरीद पर इतना ज्यादा जोर है। ऐसे में डिफेंस से जुड़े प्रोजेक्ट्स में काम करने वाली निजी कंपनियों के लिए भी ऑर्डर के नए मौके बन सकते हैं।
Ashok Leyland Defence
Ashok Leyland Defence को भी लैंड सिस्टम पैकेज से फायदा मिल सकता है। खासकर हाई मोबिलिटी व्हीकल से जुड़े प्रोजेक्ट्स कंपनी के लिए अहम हो सकते हैं।
इस खरीदारी में सेना के लिए कई तरह के मोबिलिटी और लॉजिस्टिक्स सिस्टम शामिल हैं। इससे घरेलू डिफेंस कंपनियों के लिए आगे ऑर्डर मिलने की संभावना बढ़ सकती है।
Tata Group
Tata Group की कंपनियां भी लैंड मोबिलिटी से जुड़े प्रोजेक्ट्स में संभावित लाभार्थी हैं। Kotak ने हाई मोबिलिटी व्हीकल, माइन लेयर्स, ट्रॉल टैंक और ब्रिज सिस्टम जैसे प्रोजेक्ट्स में ग्रुप की कंपनियों के लिए अवसर बताए हैं।
हालांकि, इन प्रस्तावों को अभी पक्का ऑर्डर नहीं माना जा सकता। वास्तविक असर तब दिखेगा, जब खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और कॉन्ट्रैक्ट मिलेंगे।
Bharat Forge
Bharat Forge को भी लैंड सिस्टम से जुड़े प्रोजेक्ट्स का फायदा मिल सकता है। कंपनी के लिए माइन लेयर्स, ट्रॉल टैंक और दूसरे सैन्य सिस्टम से जुड़े ऑर्डर के मौके बन सकते हैं।
Kotak ने इसे उन कंपनियों में शामिल किया है, जिन्हें लैंड मोबिलिटी पैकेज से फायदा हो सकता है। लेकिन अभी यह संभावित फायदा है। पक्का असर ऑर्डर मिलने के बाद ही पता चलेगा।
ऑर्डर मिलने में लगेगा समय
यहां एक बात समझना जरूरी है। AoN का मतलब पक्का ऑर्डर नहीं है। यह खरीद प्रक्रिया की शुरुआती मंजूरी है। Kotak के मुताबिक, प्रस्ताव को अंतिम कॉन्ट्रैक्ट में बदलने में करीब 1-2 साल लग सकते हैं।
इसलिए इन मंजूरियों का असर तुरंत कंपनियों की कमाई में दिखना जरूरी नहीं है। ब्रोकरेज के मुताबिक, इन प्रस्तावों से जुड़े ज्यादातर ऑर्डर FY27 से FY29 के दौरान आ सकते हैं।
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