HDFC Bank को बड़ी राहत, बहरीन कोर्ट ने बैंक के खिलाफ सात निवेशकों के दावों को खारिज किया

HDFC Bank: बैंक को Credit Suisse AT1 बॉन्ड मामले में बड़ी राहत मिली है। बहरीन कोर्ट ने सात निवेशकों के दावों को खारिज कर दिया। निवेशक पर्याप्त सबूत नहीं दे पाए। जानिए डिटेल।

अपडेटेड Sep 10, 2026 पर 6:40 PM
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HDFC बैंक ने बताया कि जुलाई और अगस्त 2026 में बहरीन की अदालत पांच ऐसे ही दूसरे मामलों को भी खारिज कर चुकी है।

प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर HDFC Bank को Credit Suisse AT1 बॉन्ड मामले में बड़ी राहत मिली है। बहरीन की अदालत ने बैंक के खिलाफ सात निवेशकों के दावों को खारिज कर दिया है।

बैंक ने बताया कि 9 सितंबर 2026 को बहरीन की हाई सिविल कोर्ट ने दो मामलों में उसके पक्ष में फैसला दिया। ये मामले Credit Suisse Additional Tier 1 (CS AT1) बॉन्ड में निवेश करने वाले ग्राहकों ने दायर किए थे।

निवेशकों ने क्या आरोप लगाए थे


निवेशकों ने बैंक पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया था। उन्होंने जानबूझकर गलत जानकारी देने की बात भी कही थी। इसके अलावा ग्राहक की गलत कैटेगरी तय करने और प्रोडक्ट की सही जानकारी नहीं देने का आरोप लगाया गया।

निवेशकों ने वित्तीय लेवरेज के गलत इस्तेमाल और प्रोडक्ट की जरूरत से जुड़े नियमों के उल्लंघन का भी आरोप लगाया था।

HDFC Bank के मुताबिक, अदालत ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि निवेशक अपने आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं दे पाए।

पांच और मामलों में मिली राहत

बैंक ने बताया कि जुलाई और अगस्त 2026 में बहरीन की अदालत पांच ऐसे ही दूसरे मामलों को भी खारिज कर चुकी है।

इस तरह CS AT1 बॉन्ड से जुड़े सातों मामलों में बैंक को राहत मिली है। इन सभी मामलों में निवेशकों को कोर्ट की कार्यवाही का खर्च उठाने का आदेश भी दिया गया है।

NCDRC से भी मिली थी राहत

बहरीन कोर्ट के फैसले से पहले मार्च 2026 में National Consumer Disputes Redressal Commission (NCDRC) ने भी निवेशकों की शिकायतें खारिज कर दी थीं।

NCDRC ने कहा था कि HDFC Bank की भूमिका सिर्फ एक फैसिलिटेटर की थी। निवेशकों के पास अपनी पसंद के हिसाब से निवेश करने की पूरी आजादी थी।

बैंक के मुताबिक, आयोग ने यह भी कहा था कि निवेशकों ने अपनी मर्जी से CS AT1 बॉन्ड में निवेश किया था। निवेश के समय वे इसकी बारीकियों से अच्छी तरह वाकिफ थे।

बैंक ने क्या कहा?

HDFC Bank ने कहा कि जहां जरूरत होगी, वह अपने ग्राहकों के साथ खड़ा रहेगा। हालांकि, बैंक ग्राहकों के अपने फैसले से किए गए निवेश की गारंटी नहीं देता।

बैंक ने साफ कहा कि वह बिना ठोस आधार वाले दावों का मजबूती से बचाव करेगा।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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