Garden Reach से लेकर Cochin Shipyard तक, डिफेंस शेयरों में आई जोरदार तेजी, 32,000 करोड़ के ऑर्डर का है मामला

Garden Reach Shipbuilders यानी GRSE ने भारतीय नौसेना के साथ 5 नेक्स्ट जेनरेशन कॉर्वेट्स बनाने के लिए 32,000 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है। इस खबर के बाद मंगलवार को GRSE के साथ Mazagon Dock, Cochin Shipyard, Unimech Aerospace और Solar Industries जैसे डिफेंस शेयरों में भी जोरदार खरीदारी हुई। जानिए किस शेयर ने कितनी छलांग लगाई और Mazagon Dock का नया प्लान क्या है।

अपडेटेड Nov 03, 2026 पर 2:05 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
3 नवंबर को शेयर बाजार में डिफेंस शेयरों ने जोरदार दौड़ लगाई।

शेयर बाजार में मंगलवार, 3 नवंबर को डिफेंस शेयरों ने जोरदार दौड़ लगाई। इसकी वजह बना भारतीय नौसेना का 32,000 करोड़ रुपये का बड़ा ऑर्डर, जो सरकारी शिपबिल्डिंग कंपनी Garden Reach Shipbuilders यानी GRSE को मिला है। नौसेना ने सोमवार शाम, 2 नवंबर को GRSE के साथ 5 नेक्स्ट जेनरेशन कॉर्वेट युद्धपोत बनाने का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया। अगले दिन बाजार खुला तो GRSE का शेयर 9.1% तक चढ़ गया। इस ऑर्डर का असर सिर्फ GRSE तक नहीं रुका, बल्कि Mazagon Dock, Cochin Shipyard, Unimech Aerospace, Solar Industries समेत कई डिफेंस शेयर भी तेजी से ऊपर गए।

5 युद्धपोत बनाएगी GRSE

GRSE ने सोमवार शाम NSE को दी गई फाइलिंग में इस ऑर्डर की जानकारी दी। कंपनी को भारतीय नौसेना के लिए 5 नेक्स्ट जेनरेशन कॉर्वेट्स यानी NGCs बनाने हैं। कॉर्वेट दरअसल छोटे युद्धपोत होते हैं, जिन्हें नौसेना अपने बेड़े में शामिल करेगी।


एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने कहा, 'हम आपको जानकारी देना चाहते हैं कि कंपनी ने 2 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में भारतीय नौसेना के साथ 5 नेक्स्ट जेनरेशन कॉर्वेट्स (NGCs) के निर्माण के लिए कुल 32,000 करोड़ रुपये के कॉन्ट्रैक्ट पर साइन किए हैं।'

ऑर्डर कितना बड़ा है, इसे ऐसे समझिए। अगर 32,000 करोड़ रुपये की कुल रकम को 5 जहाजों में बराबर बांटा जाए, तो औसतन एक युद्धपोत 6,400 करोड़ रुपये का बैठता है।

डील के मुताबिक, GRSE को पहली किस्त का पेमेंट मिलने की तारीख से अगले 9 साल 4 महीने के अंदर ये जहाज बनाकर नौसेना को सौंपने हैं। यानी ये कोई कुछ महीनों का काम नहीं है। ये प्रोजेक्ट करीब एक दशक तक कंपनी के कामकाज का बड़ा हिस्सा बना रहेगा।

GRSE सबसे आगे, 5 दिन में 12.8% का रिटर्न

मंगलवार को डिफेंस शेयरों की तेजी में GRSE सबसे आगे रहा। ऑर्डर पाने वाली कंपनी होने के नाते निवेशकों ने इसमें सबसे ज्यादा खरीदारी की। NSE के आंकड़ों के मुताबिक, शेयर 9.1% चढ़कर 2,235 रुपये के इंट्राडे हाई तक पहुंचा। पिछले 5 दिनों में ये शेयर 12.8% का रिटर्न दे चुका है।

इसके बाद बारी आई दूसरी शिपबिल्डिंग कंपनियों की। Mazagon Dock का शेयर 5.4% चढ़कर 1,831.50 रुपये तक गया। 5 दिनों में इसने 3.5% का रिटर्न दिया है। Cochin Shipyard 4.7% की तेजी के साथ 1,222.10 रुपये के इंट्राडे हाई पर पहुंचा और पिछले 5 दिनों में इसका रिटर्न 7.7% रहा।

Unimech Aerospace से HAL तक, सबमें दिखी खरीदारी

जहाज बनाने वाली कंपनियों के अलावा डिफेंस से जुड़ा सामान बनाने वाली कंपनियों के शेयर भी चढ़े। Unimech Aerospace 5.5% उछलकर 1,668 रुपये तक पहुंचा। हालांकि पिछले 5 दिनों के हिसाब से ये शेयर अब भी 3.1% नीचे है।

Data Patterns India में 3.6% की तेजी आई और ये 3,980 रुपये के इंट्राडे हाई तक गया। इस शेयर का 5 दिन का रिटर्न भी 3.6% नेगेटिव है। यानी इन दोनों शेयरों के लिए मंगलवार की तेजी पिछले कुछ दिनों की गिरावट से राहत लेकर आई।

Bharat Dynamics 3.5% चढ़कर 1,031.40 रुपये पर पहुंचा, जबकि 5 दिनों में इसका रिटर्न 1.9% रहा। Solar Industries का शेयर 3.3% ऊपर जाकर 20,098 रुपये तक पहुंचा और 5 दिन में इसने 4% का रिटर्न दिया है। Hindustan Aeronautics यानी HAL में 2.4% की बढ़त दिखी और ये 4,974.60 रुपये तक गया। पिछले 5 दिनों में HAL का रिटर्न 1.7% रहा।

सेक्टर का इंडेक्स Nifty India Defence भी 2% उछलकर 9,008.20 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में ये इंडेक्स 8,826.65 पर बंद हुआ था। यानी एक ही दिन में इंडेक्स 181.55 प्वाइंट ऊपर चढ़ गया।

एक ऑर्डर से कई कंपनियों को फायदा

सवाल उठता है कि ऑर्डर GRSE को मिला, तो बाकी कंपनियों के शेयर क्यों चढ़े। इसका जवाब युद्धपोत बनाने के तरीके में छिपा है।

एक युद्धपोत सिर्फ लोहे का ढांचा नहीं होता। उसमें कई अहम कलपुर्जे और उपकरण लगते हैं। इस बड़े ऑर्डर के लिए भी कई जरूरी कंपोनेंट्स की जरूरत पड़ेगी, जिन्हें देश की ही मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों से खरीदा जाएगा। इससे आने वाले समय में इन कंपनियों की कमाई बढ़ सकती है। यही वजह है कि डिफेंस का सामान बनाने वाली और टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन देने वाली कंपनियों के शेयरों में भी तेजी आई।

GRSE के इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में 9 साल से ज्यादा का वक्त लगने का अनुमान है। इसलिए आगे भी सेक्टर पर नजर बनी रहेगी, क्योंकि इतने लंबे प्रोजेक्ट के दौरान कई कंपनियों की ऑर्डर बुक में नए ऑर्डर जुड़ने की संभावना है।

Mazagon Dock की नजर दो नए शिपबिल्डिंग क्लस्टर पर

डिफेंस सेक्टर से एक और खबर Mazagon Dock Shipbuilders की ओर से आई है। कंपनी ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि वो पहले से प्रस्तावित ग्रीनफील्ड शिपबिल्डिंग इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स को विकसित करने की तैयारी में है। ये क्लस्टर महाराष्ट्र के दिघी और आंध्र प्रदेश के दुगराजपट्टनम में बनने हैं।

कंपनी इन प्रस्तावित क्लस्टर्स को विकसित करने के लिए कई रास्ते तलाश रही है। इनमें पार्टनरशिप, निवेश के मौके और फाइनेंसिंग के इंतजाम शामिल हैं।

Mazagon Dock ने NSE फाइलिंग में कहा, "प्रोजेक्ट का खास ढांचा, निवेश की जरूरतें और दूसरे कमर्शियल और ऑपरेशनल पहलू अभी विचार और आकलन के दौर में हैं और जरूरी मंजूरियों और फाइनल होने पर निर्भर होंगे, जहां लागू हो।"

बाजार का मूड भी दे रहा साथ

डिफेंस शेयरों की इस तेजी को बाजार के अच्छे माहौल का भी साथ मिला। इस हफ्ते बेंचमार्क इंडेक्स कुल मिलाकर मजबूत प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे निवेशकों का मूड पॉजिटिव बना रहा।

एशिया और अमेरिका में टेक्नोलॉजी और चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली चल रही है। ऐसे माहौल में दुनिया भर के निवेशक भारतीय शेयरों में दिलचस्पी दिखा रहे हैं, और इसका फायदा भी घरेलू बाजार को मिल रहा है।

युद्ध की वजह से लगा ₹600 करोड़ का फटका! कंपनी ने घटाए टारगेट, 8% धड़ाम हुआ शेयर

 

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।