Defence stocks : हालिया रैली के दौरान डिफेंस शेयर जबरदस्त ऊंचाइयों पर पहुंच गए थे। ऐसे में इनमें करेक्शन की संभावना दिख रही थी और ऐसा हुआ भी। 15 सितंबर को खत्म हुए कारोबारी हफ्ते के अंत तक इन शेयरों में 4-12 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। इनवैसेट (Invasset) के पार्टनर और रिसर्च हेड अनिरुद्ध गर्ग ने इस बात पुष्टि की कि एक मजबूत रैली के बाद डिफेंस शेयरों में लगभग 10 फीसदी का करेक्शन हुआ है। हालिया बिकवाली की सबसे बड़ी खुदरा निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली हो सकती है। हालांकि, यह ध्यान देने की बात है कि हाल के दिनों में आई इस बिकवाली के बड़े ट्रेडिंग वॉल्यूम का सपोर्ट हासिल नहीं था।
ऐसे में लगता है कि मिड-कैप और स्मॉल-कैप डिफेंस शेयरों कुछ खुदरा निवेशकों ने आंशिक मुनाफा कमाया है। गर्ग ने कहा, पिछले कुछ महीनों में डिफेंस शेयरों में काफी रिटर्न बना है। जिसको देखते हुए कुछ निवेशक ने अपने मुनाफे को जेब में रखने की रणनीति अपनाई है।
वैल्यूएशन को लेकर निवेशकों के बीच बंटी राय
मेक इन इंडिया अभियान, बढ़ते निर्यात और भारी ऑर्डर बुक के चलते रक्षा शेयर हाल में आसमान छूते दिखे थे। हालांकि इनके वैल्यूएशन को लेकर निवेशकों के बीच राय बंटी हुई है। एक तरफ कुछ ऐसे लोग हैं जिनका मानना कि इन शेयरों ने अपने फेयर वैल्यूएशन की सीमा को पार कर लिया है और अब महंगे (ओवरवैल्यूड) हो गए हैं। दूसरी ओर ऐसे लोग हैं जिनका मानना कि इस सेक्टर में अभी काफी ज्यादा वैल्यू है जिसे अभी भी अनलॉक किया जाना बाकी है। डिफेंस सेक्टर के सबसे अच्छे दिन अभी आने बाकी हैं।
डिफेंस में संभावनाएं व्यापक
बाजार ने लंबे समय ये मान रहा है कि डिफेंस सेक्टर में अल्फा जेनरेशन (बड़े पैमाने पर रिटर्न देने की क्षमता ) की क्षमता है। बाजार जानकार लगातार इस बात के दोहराते रहे हैं कि डिफेंस सेक्टर में बड़ी मात्रा में ग्रोथ की क्षमता और संभावना दोनों है जिन्हें इन शेयरों में तलाशा जाना बाकी है।
प्रभुदास लीलाधर के अमित अनवानी का कहना है कि इस समय डिफेंस स्टॉक्स महंगे दिख रहे हैं। लेकिन लॉन्ग टर्म के नजरिए से देखें तो इनमें ग्रोथ की बड़ी संभावना है। ऐसे में ये लॉन्ग टर्म के नजरिए से महंगे नहीं दिख रहे हैं। उन्होंने ये भी कहा कि शॉर्ट टर्म के नजरिए से देखें को अभी डिफेंस शेयरों में और गिरावट आ सकती है। लेकिन इनका लॉन्ग टर्म आउटलुक मजबूत बना हुआ है। डिफेंस शेयरों में 20-25 फीसदी की गिरावट इनको लंबे नजरिए से खरीदने के लिए काफी अच्छा बना देगी।
अनिरुद्ध गर्ग का मानना है कि संस्थागत निवेश में बढ़त के कारण इन शेयरों में गिरावट का जोखिम सीमित है। जिससे उनकी कुल मार्केट लिक्विडिटी में कमी आई है।
वहीं, एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग की राय है कि इस सेक्टर के मल्टी ईयर ग्रोथ आउटलुक में काफी सुधार हुआ जिससे डिफेंस शेयरों का मौजूदा वैल्यूएशन सही लग रहा है। ब्रोकिंग हाउस ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, भारत डायनेमिक्स, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स और गार्डन रीच पर अपना पॉजिटिव रुख बरकरार रखा है।
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