संख्या में गिरावट के बावजूद 2022 में आए IPOs ने दिया औसतन 50% रिटर्न

2022 में निगेटिव रिटर्न देने वाले आईपीओ की संख्या बढ़कर 40 फीसदी पहुंच गई है। जबकि इस अवधि में 45 फीसदी से ज्यादा की कंपनियों ने 20 फीसदी रिटर्न दिया है

अपडेटेड Sep 13, 2022 पर 11:24 AM
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2022 में अब तक सिर्फ 8 बिग टिकट आईपीओ इश्यू आए हैं। इनसे भी एलआईसी का आईपीओ इस साल का सबसे बड़ा आईपीओ रहा है

इस साल अब तक आईपीओ के जरिए होने वाली शेयर बिक्री में गिरावट के बावजूद अब तक आए IPOs ने निवेशकों को औसतन 50 फीसदी का शानदार रिटर्न दिया है। जबकि इसी अवधि में सेंसेक्स में सिर्फ 1.6 फीसदी की तेजी देखने को मिली है। 2022 में अब तक 51 आईपीओ के जरिए 38155 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं जबकि पिछले साल इसी अवधि में 55 आईपीओ इश्यू के जरिए 64768 करोड़ रुपये जुटाए गए थे।

2022 में अब तक सिर्फ 8 बिग टिकट आईपीओ इश्यू आए हैं। इनसे भी एलआईसी का आईपीओ इस साल का सबसे बड़ा आईपीओ रहा है। ये आईपीओ 2022 के सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले आईपीओ से एक रहा है। जबकि पिछले साल ऐसे 33 आईपीओ देखने को मिले थे जिनमें से हर एक की साइज 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की थी। ये आंकड़े बैंक ऑफ बड़ौदा की अर्थशास्त्री दीपनवीता मजूमजदार ने जुटाए हैं।

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सितंबर 2021 तक आईपीओ मार्केट ने 74 फीसदी का रिटर्न दिया था जबकि इसी अवधि में सेंसेक्स में 20 फीसदी का रिटर्न दिया था। 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा के इश्यू साइज के 16 आईपीओ ऐसे हैं जो इस समय अपने इश्यू प्राइस से नीचे कारोबार कर रहे हैं।

2021 में कंपनियों ने आईपीओ बाजार से 121,680 करोड़ रुपये जुटाए। इसमें बाजार में आई जोरदार रैली का सबसे बड़ा योगदान रहा। अप्रैल और अक्टूबर 2021 की अवधि में सेंसेक्स 40000 अंक से बढ़कर 60000 अंक तक जाता नजर आया। 2021 में आए इश्यू में 30 फीसदी इश्यू ऐसे थे जिनकी लिस्टिंग 20 फीसदी से ज्यादा के प्रीमियम पर हुई। जबकि 2022 में आए आईपीओ इश्यू में सिर्फ 15 फीसदी आईपीओ की लिस्टिंग 20 फीसदी से ज्यादा के प्रीमियम पर हुई है। इसी तरह 2021 के 50 फीसदी आईपीओ में 20 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न मिला है। जबकि 2022 के 43 फीसदी आईपीओ ने 20 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है।

वहीं दूसरी तरफ 2022 में सेंसेक्स में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है और यह 50000-60000 के बीच चक्कर लगाता रहा है। 2022 में निगेटिव रिटर्न देने वाले आईपीओ की संख्या बढ़कर 40 फीसदी पहुंच गई है। जबकि इस अवधि में 45 फीसदी से ज्यादा की कंपनियों ने 20 फीसदी रिटर्न दिया है। जबकि सिर्फ 5 फीसदी इश्यू ऐसे रहे हैं जिन्होंने अपने इश्यू प्राइस से 100 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है।

2022 के टॉप लूजरों की बात करें तो One97 Communications (Paytm)अपने इश्यू प्राइस से 67 फीसदी नीचे नजर आ रहा है। वहीं LIC अपने इश्यू प्राइस से 31.1 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है। Zomato अपने इश्यू प्राइस से 20.7 फीसदी नीचे है जबकि PB Fintec अपने इश्यू प्राइस से 49.3 फीसदी नीचे है। Star Health & Allied Insurance अपने इश्यू प्राइस से 18.2 फीसदी, CarTrade अपने इश्यू प्राइस से 60.1 फीसदी, Nuvoco Vistas Corporation अपने इश्यू प्राइस से 34.3 फीसदी और Indian Railway Finance अपने इश्यू प्राइस से 12.3 फीसदी नीचे कारोबार कर रहे हैं।

वहीं अगर गेनरों की बात करें Adani Wilmarअपने इश्यू प्राइस से 205.6 फीसदी ऊपर नजर आ रहा है। Sona Precision अपने इश्यू प्राइस से 81.6 फीसदी, Patanjali Foods अपने इश्यू प्राइस से 106 फीसदी , Powergrid अपने इश्यू प्राइस से 38 फीसदी और Vedant Fashions अपने इश्यू प्राइस से 57.3 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहे हैं।

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