Get App

Dhoot Transmission की धांसू एंट्री, IPO को 75 गुना बोली, फिर 37% प्रीमियम पर ₹871 का शेयर लिस्ट

Dhoot Transmission IPO Listing: धूत ट्रांसमिशन देश की बड़ी E&E (इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स) कंपनियों में शुमार है। अब आईपीओ को शानदार रिस्पांस के बाद इसके शेयर आज लिस्ट हुए हैं। इसके आईपीओ के तहत नए शेयर जारी हुए हैं और ऑफर फॉर सेल के तहत भी शेयरों की बिक्री हुई है। नई खरीदारी से पहले चेक करें कंपनी की कारोबारी सेहत कैसी है और आईपीओ के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी कैसे करेगी

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Aug 17, 2026 पर 10:15 AM
Dhoot Transmission की धांसू एंट्री, IPO को 75 गुना बोली, फिर 37% प्रीमियम पर ₹871 का शेयर लिस्ट
Dhoot Transmission IPO Listing: धूत ट्रांसमिशन का ₹3,067 करोड़ का आईपीओ 10-12 अगस्त तक खुला था। आज इसके शेयरों की लिस्टिंग हुई है।

Dhoot Transmission IPO Listing: आईपीओ को 75 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद अब धूत ट्रांसमिशन के शेयरों की आज घरेलू स्टॉक मार्केट में धांसू एंट्री हुई है। इसके आईपीओ के तहत ₹871 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹1193.80 और NSE पर ₹1,200.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 37% से अधिक लिस्टिंग गेन (Dhoot Transmission Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में हल्की फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर BSE पर यह ₹1174.50 (Dhoot Transmission Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 34.85% मुनाफे में हैं।

Dhoot Transmission IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

धूत ट्रांसमिशन का ₹3,067 करोड़ का आईपीओ 10-12 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 75.06 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 209.02 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 53.13 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 8.32 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 8.60 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹1,400 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹2 की फेस वैल्यू वाले 1,91,37,602 शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹464.80 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹301.77 करोड़ सब्सिडरीज का कर्ज हल्का करने के लिए उनमें निवेश, ₹150.00 करोड़ नई वायरिंग हार्नेस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स लगाने, ₹159.96 करोड़ आईपीओ से जुड़े खर्चों को भरने और ₹410.41 करोड़ अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें