E to E Transportation Infra IPO Listing: 526 गुना सब्सक्राइब होने के बाद 90% का लिस्टिंग गेन, ₹174 के शेयरों की धांसू एंट्री

E to E Transportation Infra IPO Listing: ई टू ई ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रा रेलवे सेक्टर को सिस्टम इंटीग्रेशन और इंजीनियरिंग सॉल्यूशंस मुहैया कराती है। अब इसके शेयर लिस्ट हुए हैं और इसके आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था। आईपीओ के तहत सिर्फ नए शेयर जारी हुए हैं। चेक करें कंपनी की कारोबारी सेहत कैसी है और आईपीओ के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी कैसे करेगी?

अपडेटेड Jan 02, 2026 पर 4:08 PM
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E to E Transportation Infra IPO Listing: ई टू ई ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रा का ₹84 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 26-30 दिसंबर तक खुला था। आज इसके शेयरों की धांसू लिस्टिंग हुई है।

E to E Transportation Infra IPO Listing: रेलवे सेक्टर के लिए काम करने वाली ई टू ई ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रा के शेयरों की आज NSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 526 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹174 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी ₹330.60 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 90% का लिस्टिंग गेन (E to E Transportation Infra Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹347.10 (E to E Transportation Infra Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया।

मुनाफावसूली के दबाव में यह टूटकर ₹314.20 तक आ गया। हालांकि निचले स्तर पर खरीदारी के चलते रिकवरी हुई। रिकवर होकर दिन के आखिरी में यह ₹328.00 पर बंद हुआ है यानी कि  पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक 88.51% मुनाफे में हैं।

E to E Transportation Infra IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च


ई टू ई ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रा का ₹84 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 26-30 दिसंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 526.56 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 236.30 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 872.09 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 544.28 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 48.40 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹70.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

E to E Transportation Infra के बारे में

वर्ष 2010 में बनी ई टू ई ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रा रेलवे सेक्टर को सिस्टम इंटीग्रेशन और इंजीनियरिंग सॉल्यूशंस मुहैया कराती है। यह सिग्नलिंग और टेलीकॉम, ओवरहेड इलेक्ट्रिकफिकेशन, ट्रैक प्रोजेक्ट्स और सिस्टम इंटीग्रेशन, प्राइवेट साइडिंग्स और इंजीनियरिंग डिजाइन एंड रिसर्च सेंटर जैसी सर्विसेज ऑफर करती है। इसके अहम प्रोजेक्ट्स की बात करें तो इसने हैदराबाद और नागपुर मेट्रो के लिए सीबीटीसी सिग्नलिंग; विजग स्टील प्लांट और एनयूपीपीएल पावर प्लांट के लिए सिग्नलिंग और टेलीकॉम मॉडर्नाइजेशन का काम किया है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹8.15 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹10.26 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹13.99 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम सालाना 36% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹253.82 करोड़ पर पहुंच गई। हालांकि चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो पहली छमाही अप्रैल-सितंबर 2025 में कंपनी को ₹7.49 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ और ₹112.78 करोड़ की टोटल इनकम हासिल हुई। सितंबर 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹113.51 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹96.28 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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