Veegaland Developers ला रही है ₹250 करोड़ का IPO, ड्राफ्ट हुआ जमा; रहेंगे केवल नए शेयर

Veegaland Developers IPO: वीगालैंड डेवलपर्स केरल में मल्टी-स्टोरी रेजिडेंशियल अपार्टमेंट प्रोजेक्ट्स की प्लानिंग, डेवलपमेंट और बिक्री में लगी हुई है। क्यूमुलेटिव कैपिटल इस इश्यू के लिए एकमात्र बुक-रनिंग लीड मैनेजर है

अपडेटेड Jan 01, 2026 पर 8:47 AM
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IPO में प्रमोटर्स या मौजूदा निवेशकों की ओर से OFS कंपोनेंट नहीं होगा।

रियल एस्टेट डेवलपर वीगालैंड डेवलपर्स ने अपने एक्सपेंशन प्लांस को सपोर्ट करने के लिए IPO के जरिए 250 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है। इसके लिए कंपनी ने कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास ड्राफ्ट पेपर जमा कर दिए हैं। मंगलवार को फाइल किए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार, इस IPO में केवल नए शेयर रहेंगे। प्रमोटर्स या मौजूदा निवेशकों की ओर से ऑफर-फॉर-सेल (OFS) कंपोनेंट नहीं होगा।

इसका मतलब है कि पब्लिक इश्यू से हासिल होने वाला पूरा पैसा वीगालैंड डेवलपर्स के पास जाएगा। क्यूमुलेटिव कैपिटल इस इश्यू के लिए एकमात्र बुक-रनिंग लीड मैनेजर है। कंपनी ‘वीगालैंड होम्स’ ब्रांड नेम के तहत काम करती है।

वीगालैंड डेवलपर्स एक रियल एस्टेट डेवलपमेंट कंपनी है, जो केरल में मल्टी-स्टोरी रेजिडेंशियल अपार्टमेंट प्रोजेक्ट्स की प्लानिंग, डेवलपमेंट और बिक्री में लगी हुई है। यह मिड-प्रीमियम, प्रीमियम, अल्ट्रा-प्रीमियम, लक्जरी और अल्ट्रा-लग्जरी रेजिडेंशियल सेगमेंट को कवर करती है। यह कंपनी वी-गार्ड ग्रुप का हिस्सा है।


31 अक्टूबर तक पूरे किए 10 रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट

ICRA की रिपोर्ट के अनुसार, 8 दिसंबर 2025 तक वीगालैंड डेवलपर्स केरल की फास्टेस्ट सेलिंग रियल एस्टेट डेवलपर थी। 31 अक्टूबर, 2025 तक कंपनी ने 10 रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट पूरे कर लिए थे, जिनका बिक्री योग्य कुल क्षेत्र 11.05 लाख वर्ग फुट है। और 9 प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जिनका बिक्री योग्य कुल क्षेत्र 12.67 लाख वर्ग फुट है। कंपनी के केरल के कोच्चि और तिरुवनंतपुरम में 7.20 एकड़ के लैंड रिजर्व भी हैं, जिनका उद्देश्य भविष्य के रेजिडेंशियल डेवलपमेंट को सपोर्ट करना है।

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IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

कंपनी नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल अपने चल रहे और आने वाले प्रोजेक्ट्स को फाइनेंस करने के लिए करेगी। इन प्रोजेक्ट्स की अनुमानित लागत 111.60 करोड़ रुपये तक है। इसके अलावा रेजिडेंशियल रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के लिए पहचानी गई जमीन खरीदने पर भी लगभग 18.49 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बची हुई रकम का इस्तेमाल भविष्य में जमीन खरीदने और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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