OYO IPO: पैरेंट कंपनी PRISM ने गोपनीय रास्ते से फाइल किया ड्राफ्ट, ₹6650 करोड़ जुटाने का प्लान

OYO IPO: OYO की पैरेंट कंपनी PRISM ने IPO के लिए SEBI के पास गोपनीय DRHP दाखिल किया है। कंपनी ₹6,650 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। यह पूरी तरह फ्रेश इश्यू होगा। वैल्यूएशन समेत जानिए पूरी डिटेल।

अपडेटेड Dec 31, 2025 पर 11:11 PM
Story continues below Advertisement
यह OYO की पैरेंट कंपनी PRISM की IPO के जरिए पब्लिक मार्केट में उतरने की दूसरी कोशिश है।

OYO IPO: OYO की पैरेंट कंपनी और ग्लोबल ट्रैवल टेक्नोलॉजी कंपनी PRISM ने IPO के लिए गोपनीय रूप से ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) SEBI के पास दाखिल कर दिया है। मनीकंट्रोल से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, कंपनी इस पब्लिक इश्यू के जरिए करीब ₹6,650 करोड़ जुटाने की तैयारी में है।

सूत्रों ने बताया कि प्रस्तावित IPO पूरी तरह से इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू होगा। इस इश्यू के जरिए कंपनी का वैल्यूएशन करीब 7 से 8 अरब डॉलर के बीच रहने का अनुमान है।

दिसंबर में शेयरहोल्डर्स से मिल चुकी है मंजूरी


यह फाइलिंग 20 दिसंबर 2025 को हुई एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) के बाद की गई है। इस बैठक में शेयरहोल्डर्स ने नियामकीय मंजूरियों और बाजार की परिस्थितियों के अधीन पूंजी जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।

IPO के लिए बैंकों की टीम का विस्तार

IPO प्रक्रिया के लिए PRISM ने शुरुआत में ICICI Securities, Axis Capital, Goldman Sachs और Citibank को बुक-रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया था। बाद में कंपनी ने सिंडिकेट का दायरा बढ़ाते हुए कुछ और बैंकों को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया है।

हालांकि, मनीकंट्रोल की ओर से भेजे गए सवालों पर PRISM ने फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

दूसरी बार पब्लिक होने की कोशिश

यह PRISM की IPO के जरिए पब्लिक मार्केट में उतरने की दूसरी कोशिश है। इससे पहले कंपनी ने 2021 में IPO प्रक्रिया शुरू की थी और SEBI के पास ऑफर डॉक्युमेंट्स दाखिल किए थे। बाद में वित्तीय और ऑपरेशनल जानकारी के साथ अपडेटेड फाइलिंग भी की गई थी।

हालांकि, रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में आई भारी अस्थिरता और कमजोर निवेशक धारणा के चलते उस समय कंपनी ने IPO की योजना वापस ले ली थी।

भारत और विदेशों में तेजी से बढ़ा कारोबार

IPO योजना टालने के बाद PRISM ने भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपने कारोबार को तेजी से विस्तार दिया। कंपनी ने हाई-वैल्यू ऑफरिंग्स पर फोकस बढ़ाया और अपने प्रीमियम होटल पोर्टफोलियो को मजबूत किया।

SUNDAY Hotels और Palette जैसे ब्रांड्स के जरिए कंपनी ने प्रीमियम सेगमेंट में पकड़ बनाई। इसके अलावा, अमेरिका की G6 Hospitality के अधिग्रहण से PRISM की अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी और मजबूत हुई। G6 Hospitality, Motel 6 और Studio 6 जैसे इकॉनमी लॉजिंग ब्रांड्स का संचालन करती है।

FY26 की शुरुआत रही मजबूत

कंपनी के हालिया खुलासों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025–26 की शुरुआत PRISM के लिए काफी मजबूत रही है। जून तिमाही (Q1 FY26) में कंपनी ने ₹200 करोड़ से ज्यादा का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। इस दौरान रेवेन्यू ₹2,019 करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 47% की बढ़त है।

वहीं ग्रॉस बुकिंग वैल्यू (GBV) ₹7,227 करोड़ रही। इसमें सालाना आधार पर 144% की तेज बढ़त दर्ज की गई।

SEBI का कॉन्फिडेंशियल रूट क्यों अहम है

SEBI का कॉन्फिडेंशियल प्री-फाइलिंग रूट कंपनियों को यह सुविधा देता है कि वे IPO डॉक्युमेंट्स को सार्वजनिक करने से पहले रेगुलेटर के साथ चर्चा कर सकें और जरूरी बदलाव कर सकें। इससे IPO की टाइमिंग पर ज्यादा नियंत्रण मिलता है और समीक्षा के दौरान सार्वजनिक दबाव भी कम रहता है।

हाल के वर्षों में यह रास्ता नए जमाने की कंपनियों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ है। Meesho, Swiggy और Tata Play जैसी कंपनियां भी इस विकल्प का इस्तेमाल कर चुकी हैं या इसे तलाश चुकी हैं।

Stocks to Watch: 1 जनवरी को फोकस में रहेंगे ये 14 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।