MSMEs और कारोबारियों को बिना किसी फाइनेंशियल स्टेटमेंट और डॉक्यूमेंट के जल्द ही 10 लाख से लेकर 1 करोड़ तक का लोन सरकारी बैंकों से मिल सकता है, बशर्ते उन्होंने पिछले 6 महीने तक GST रिटर्न दाखिल किया हो। वित्त मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। प्रस्ताव के मुताबिक कारोबारी, प्रोफेशनल, कंपनी या फर्म और सहकारी संस्थानों को ये सुविधा मिलेगी। इसमें GST रिटर्न के आधार पर ओवरड्राफ्ट की सुविधा मिलेगी।
इस स्कीम के तहत मिलने वाले लोन की रकम सलाना टर्नओवर, सेल्स और कोलैटरल के आधार पर तय होगी। इसके लिए एफडी, किसान विकास पत्र, राष्ट्रीय बचत पत्र या अचल संपत्ति भी कोलैटरल के रूप में रखी जा सकेगी। रेपो बेस्ड लेंडिंग रेट (RBLR) के ऊपर ब्याज़ दर 2.25 फीसदी तक हो सकती है।
इसमें एक साल की अवधि वाले लोन को हर साल रिन्यू कराया जा सकेगा।OBC समेत कुछ और बैंक जल्द पायलट शुरू करेंगे। बता दें कि 10 लाख रुपये से कम का लोन PM मुद्रा योजना के तहत मिलेगा।