डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स और हेल्थकेयर शेयरों में बनेगा पैसा, मार्केट एक्सपर्ट मनीशी रायचौधरी ने बताई वजह

एमर कैपिटल पार्टनर्स के सीईओ मनीषी रायचौधरी ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार दबाव में रहे हैं। लेकिन, अब कंपनियों की अर्निंग्स बढ़ने लगी है। 2026 (कैलेंडर ईयर) के लिए अर्निंग्स ग्रोथ का अनुमान अब बढ़कर 9.5 फीसदी हो गया है। डेढ़ महीने पहले यह 7.8 फीसदी था

अपडेटेड Sep 08, 2026 पर 6:11 PM
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मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ने से शेयर बाजारों में बीते करीब एक महीने से गिरावट है। ज्यादा चिंता क्रूड ऑयल की कीमतों को लेकर है।

अगर आप शेयरों में निवेश को लेकर किसी तरह की दुविधा में हैं तो आपको एमर कैपिटल पार्टनर्स के सीईओ मनीषी रायचौधरी की बातें ध्यान से सुनने की जरूरत है। सीएनबीसी-टीवी18 से बातचीत में उन्होंने शेयर मार्केट के बारे में कई अहम बातें बताईं। उन्होंने कहा कि कंपनियों की अर्निंग्स अब बढ़ रही है। इसका मतलब है कि आगे शेयरों पर इसका असर दिखेगा।

डेढ़ महीने बाद बढ़ा अर्निंग्स ग्रोथ का अनुमान 

राय चौधरी ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार दबाव में रहे हैं। लेकिन, अब कंपनियों की अर्निंग्स बढ़ने लगी है। उन्होंने कहा कि 2026 (कैलेंडर ईयर) के लिए अर्निंग्स ग्रोथ का अनुमान अब बढ़कर 9.5 फीसदी हो गया है। डेढ़ महीने पहले यह 7.8 फीसदी था। संभवत: 5 से 6 सेक्टर्स हैं, जिनकी वजह से यह अनुमान बढ़ा है।


बड़ा निवेश करने से पहले दो बातों का रखें ध्यान

मध्यपूर्व क्राइसिस को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि अच्छी खबर के साथ खराब खबर भी आती है। उन्होंने कहा कि अभी खराब खबर का असर ज्यादा दिख रहा है। उन्होंने कहा, "इनवेस्टर्स को बड़ा ऐलोकेशन करने से पहले इनफ्लेशन का दबाव कम होने और मध्यपूर्व क्राइसिस का समाधान निकलने का इंतजार करना चाहिए।"

क्रूड ऑयल में उछाल चिंता का बड़ा कारण

मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ने से शेयर बाजारों में बीते करीब एक महीने से गिरावट है। ज्यादा चिंता क्रूड ऑयल की कीमतों को लेकर है। ब्रेंट क्रूड के 120 डॉलर प्रति बैरल पहुंच जाने का अनुमान जताया गया है। अगर ऐसा होता है तो इसका भारत पर काफी असर पड़ेगा। भारत ऑयल की अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा इंपोर्ट करता है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल इंटरेस्ट रेट को लेकर अनिश्चितता की वजह से बाजार पर दबाव बढ़ रहा है।

इन सेक्टर्स में दिख रहे निवेश के मौके 

रायचौधरी ने कहा कि शेयर बाजार में कमजोरी के बावजूद अर्निंग्स ग्रोथ का अनुमान बढ़ने से कुछ सेक्टर्स में निवेश के मौके दिख रहे हैं। इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस, कमर्शियल और डिस्ट्रिब्यूशन सर्विसेज, हॉस्पिटल्स और हेल्थ-टेक प्लेटफॉर्म्स शामिल है। काफी समय तक खराब प्रदर्शन के बाद अब कुछ प्राइवेट बैंकों की अर्निंग्स में भी अपग्रेड दिखा है।

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प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर में भी निवेश के मौके 

उन्होंने कहा कि प्राइवेट बैंक में इनवेस्टर्स को सिर्फ एक बैंक को नहीं देखना चाहिए, जिसमें लीडरशिप को लेकर अनिश्चितता है। उन्होने ICICI Bank का उदाहरण देते हुए बताया कि इस बैंक ने बेहतर प्रदर्शन से चौंकाया है। इसका इंटरेस्ट मार्जिन बेहतर है और फीस इनकम भी बढ़ी है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

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