ग्लोबल मार्केट्स की तर्ज पर घरेलू शेयर बाजार में भी 5 अगस्त को भारी गिरावट रही। गिरावट की सबसे ज्यादा मार मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों पर देखने को मिली। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या यह गिरावट मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में तेजी खत्म होने का संकेत है, जो पिछले साल शुरू हुई थी? मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में भी पिछले एक साल से लगातार तेजी देखने को मिल रही है।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के मिड-कैप इंडेक्स में 5 अगस्त को 3.6 पर्सेंट की गिरावट रही, जबकि स्मॉल-कैप इंडेक्स 4.21 पर्सेंट लुढ़क गया। साथ ही, सेंसेक्स 2.74 पर्सेंट लुढ़क गया। शेयर बाजार के लिए यह 4 जून के बाद की सबसे बड़ी गिरावट है। सबसे अहम बात यह है कि दोनों सूचकांक अपने लॉन्ग टर्म एवरेज के मुकाबले महंगे वैल्यूएशंस पर कारोबार कर रहे हैं।
सेंसेक्स और निफ्टी में 2023 में 45 पर्सेंट की बढ़त रही, जबकि 2024 में अब तक इसमें 25 पर्सेंट की तेजी रही है। शेयर बाजार की इस गिरावट के बाद एक्सिस सिक्योरिटीज के राजेश पल्विया का मानना है कि मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में स्थिरता के बाद ही इसमें फिर से खरीदारी शुरू होगी। निवेशकों को फिलहाल 2-3 दिनों का इंतजार करना चाहिए।
इसके अलावा, स्मॉल-कैप में ट्रेंड उलटने के भी संकेत नजर आ रहे थे। रिपोर्ट में कहा गया था कि 2021 से स्मॉल-कैप शेयरों में तेजी का ट्रेंड था और 2018 के बाद पहली बार इसमें उल्टा ट्रेंड नजर आ रहा है। एक्सपर्ट्स की राय में स्मॉल-कैप इंडेक्स में प्राइस करेक्शन के आसार नजर आ रहे हैं।
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