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Experts view : मार्केट एक्सपर्ट्स से जानें अगले हफ्ते कैसी रह सकती है बाजार की चाल, निफ्टी के लिए कौन से लेवल होंगे अहम

Experts view : अजीत मिश्रा का कहना है कि बेंचमार्क इंडोक्सों में चल रही उठा-पटक,मिले-जुले संकेतों के बीच बाजार में भरोसे की कमी को दर्शाती है। हालांकि,उम्मीद है कि यह दौर जल्द ही खत्म हो जाएगा। निफ्टी में 23,800 के स्तर से नीचे की कोई भी निर्णायक चाल,इसे और नीचे 23,500 के स्तर या उससे भी नीचे ले जा सकती है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 01, 2026 पर 5:43 PM
Experts view : मार्केट एक्सपर्ट्स से जानें अगले हफ्ते कैसी रह सकती है बाजार की चाल, निफ्टी के लिए कौन से लेवल होंगे अहम
Experts view : नीलेश जैन का कहना है कि निफ्टी को 50-DMA पर तत्काल रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है जो 24,140 के आस-पास है

Experts view : 30 अप्रैल को IT सेक्टर को छोड़कर बाकी सभी सेक्टरों में बिकवाली के चलते भारतीय इक्विटी इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए और Nifty 24,000 के नीचे आ गया। बाज़ार बंद होने पर Sensex 582.86 अंक या 0.75 प्रतिशत गिरकर 76,913.50 पर और Nifty 180.1 अंक या 0.74 प्रतिशत गिरकर 23,997.55 पर क्लोज हुआ। बाजार पर बात करते हुए जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में रिसर्च हेड विनोद नायर ने का कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने और समुद्री शिपिंग के मुख्य रास्तों में लगातार रुकावट बने रहने से ग्लोबल मार्केट का माहौल बिगड़ गया।

ब्रेंट क्रूड चार साल में पहली बार 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। इससे महंगाई बढ़ने की चिंता और बढ़ गईं। इसके चलते दुनिया भर के रिस्क एसेट्स पर दबाव बना। भारत में,तेल की बढ़ती कीमतों का असर भारतीय रुपये पर पड़ा और पूंजी की निकासी और बढ़ते घाटे की चिंताएं फिर से उभर आईं,क्योंकि भारत की अर्थव्यवस्था कच्चे तेल के आयात पर बहुत ज्यादा निर्भर है।

यूएस फेड ने दरों में कोई बदलाव नहीं किया,लेकिन अपनी नीतियों में कड़ाई के संकेत दिए। इससे डॉलर को सहारा मिला और उभरते बाजारों के लिए स्थितियां और खराब हो गईं। घरेलू बाजार की बात करें तो ऑटो,बैंक,मेटल और रियल एस्टेट सेक्टर में सबसे ज़्यादा गिरावट देखने को मिली। जबकि, IT और फार्मा सेक्टर के चुनिंदा शेयरों कुछ खरीदारी हुई। सत्र के आखिर में थोड़ी बहुत रिकवरी से कुछ राहत मिली,लेकिन लंबे वीकेंड से पहले बाजार कुल मिलाकर बाजार का माहौल सतर्क ही बना रहा।

रेलिगेयर ब्रोकिंग में एसवीपी-रिसर्च, अजीत मिश्रा का कहना है कि गुरुवार को बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा और खराब ग्लोबल संकेतों के चलते इसमें 0.50 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी गैप-डाउन खुला और शुरुआती घंटों में दबाव में आ गया। हालाँकि,जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, कई सेक्टरों के चुनिंदा बड़े शेयरों में आई तेजी ने नुकसान को कम करने में मदद की। अंततः यह 0.74% की गिरावट के साथ 23,997.55 पर बंद हुआ।

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