Expert View: बाजार में नहीं दिख रहा कोई ट्रेंड, मिड-स्मॉल कैप में करेक्शन के बाद भी वैल्युएशन है महंगे

Expert View: बाजार में अभी कोई ट्रेंड नहीं है। पिछले 1-2 साल से बाजार में रिटर्न फ्लैट कामकाज कर रहा। बाजार अभी कंसोलिडेशन के दौर से गुजर रहा है । मिड & स्मॉल कैप में वैल्युएशन अभी भी ज्यादा हैं। अर्निंग्स ग्रोथ अभी भी बहुत स्लो रहा

अपडेटेड Feb 28, 2026 पर 9:24 AM
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मिड-स्मॉल कैप के वैल्युएशन पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि मिड-स्मॉल कैप में करेक्शन के बाद भी वैल्युएशन महंगे है। बाजार में करेक्शन हुआ है, लेकिन वैल्युएशन महंगा है

Market Views: आज खराब ग्लोबल संकेतों ने बाजार का मूड बिगाड़ दिया। सेंसेक्स- निफ्टी 1% से ज्यादा फिसलकर बंद हुए। मिडकैप, स्मॉलकैप शेयरों में बिकवाली रही। जबकि रियल्टी, ऑटो, मेटल शेयरो में गिरावट आई। ऐसे में आगे बाजार की चाल कैसे रह सकती है इसपर बात करते हुए DSP Mutual Fund के हेड ऑफ प्रोडक्ट एंड मार्केट स्ट्रैटेजी साहिल कपूर (Sahil Kapoor) ने कहा कि बाजार में अभी कोई ट्रेंड नहीं है। पिछले 1-2 साल से बाजार में रिटर्न फ्लैट कामकाज कर रहा। बाजार अभी कंसोलिडेशन के दौर से गुजर रहा है । मिड & स्मॉल कैप में वैल्युएशन अभी भी ज्यादा हैं। अर्निंग्स ग्रोथ अभी भी बहुत स्लो रहा। बाजार के पास ऊपर जाने के लिए रीजन नहीं है। बाजार में करेक्शन के बाद ही निवेशकों को मौका रहा।

मिड-स्मॉल कैप के वैल्युएशन पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि मिड-स्मॉल कैप में करेक्शन के बाद भी वैल्युएशन महंगे है। बाजार में करेक्शन हुआ है, लेकिन वैल्युएशन महंगा है। बाजार में अभी कंसोलिडेशन या करेक्शन आएगा। बाजार में अभी भी स्टॉक्स सस्ते नहीं हैं ।

उन्होंने आगे कहा कि इस तिमाही में अर्निंग्स में हल्की सुधार देखने को मिला। GST रिफॉर्म वाले सेक्टर में बेहतर सुधार हुआ। ऑटो जैसे सेक्टर में अच्छे नतीजे रहे। अगला 2-3 तिमाही रिकवरी के लिहाज से क्रिटिकल है। प्रॉफिट ग्रोथ अभी भी कम है ।


DSP Multi Asset Omni FoF पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह फंड ऑफ फंड है। एक्टिव MF, इंडेक्स और ETF में निवेश करता है। फंड ऑफ फंड स्टॉक पिकिंग नहीं करता है । एक्टिव और पैसिव दोनों तरह के फंड में निवेश करते है। कम से कम 3 से 5 साल तक निवेशित रहें । ल्टी एसेट का फायदा उठाने के लिए 5 साल का निवेश जरूरी है। थीमैटिक और सेक्टोरल एक्सपोजर पर रणनीति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि मार्जिन ऑफ सेफ्टी एक बड़ा फैक्टर है। MoS यानि मार्जिन ऑफ सेफ्टी के हिसाब से एलोकेशन हुआ।

कमोडिटी पर क्या आउटलुक पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि गोल्ड और सिल्वर दोनों ही महंगे हो गए हैं। अभी गोल्ड- सिल्वर में निवेश कम रख रहे हैं । गोल्ड, सिल्वर में निवेश का सही समय नहीं है।

 

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