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Farm Peace IPO Listing: लिस्ट होते ही लोअर सर्किट, फिर भी निवेशक तगड़े फायदे में, हर लॉट पर ₹95000 का मुनाफा

Farm Peace IPO Listing: फार्म पीस एक कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग कंपनी है, जो किसानों से चिप्स और फ्रेंच फ्राई के आलू उगवाती है। इसके आईपीओ को निवेशकों का खास रिस्पांस नहीं मिला था लेकिन लिस्टिंग धमाकेदार हुई है। इसके आईपीओ के तहत सिर्फ नए शेयर जारी हुए हैं। नई खरीदारी से पहले चेक करें कंपनी की कारोबारी सेहत कैसी है और आईपीओ के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी कैसे करेगी

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Sep 08, 2026 पर 3:59 PM
Farm Peace IPO Listing: लिस्ट होते ही लोअर सर्किट, फिर भी निवेशक तगड़े फायदे में, हर लॉट पर ₹95000 का मुनाफा
Farm Peace IPO Listing: फार्म पीस का ₹32 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 1-3 सितंबर तक खुला था। आज इसके शेयरों की लिस्टिंग हुई है।

Farm Peace IPO Listing: किसानों से चिप्स और फ्रेंच फ्राई के लिए आलू उगवाने वाली कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग कंपनी फार्म पीस के शेयरों की आज BSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों का हिस्सा तो पूरा भर भी नहीं पाया। इस आईपीओ के तहत ₹59 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹112.10 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 90% का लिस्टिंग गेन (Farm Peace Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए।

टूटकर यह ₹106.50 (Farm Peace Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 80.51% मुनाफे में हैं। चूंकि लॉट साइज 2000 शेयरों का था तो लोअर सर्किट के बावजूद आईपीओ निवेशक हर लॉट पर ₹95000 के मुनाफे में हैं। इंट्रा-डे में एक बार इसने ₹117.70 का अपर सर्किट भी छुआ था लेकिन फिर टूटकर यह लोअर सर्किट पर आ गया और पहले कारोबारी दिन इसी पर बंद भी हुआ।

Farm Peace IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

फार्म पीस का ₹32 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 1-3 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.16 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.73 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 0.59 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 54.24 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹23.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की बढ़ी हुई जरूरतों, ₹4.80 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹4.20 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

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