Fly-Hi Maritime Travels IPO Listing: शिपिंग कंपनियों को क्रू मैनेजमेंट सर्विसेज देने वाली फ्लाई-हाई मैरिटाइम ट्रैवल्स के शेयरों की आज BSE SME पर भारी डिस्काउंट के साथ एंट्री हुई। इसके आईपीओ को खास रिस्पांस नहीं मिला था और हर कैटेगरी के लिए आरक्षित हिस्सा पूरा भर भी नहीं पाया था। इस आईपीओ के तहत ₹102 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹81.60 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि 20% पूंजी ही घट गई। अभी भी यह ₹81.60 (Fly-Hi Share Price) पर बना हुआ है यानी कि आईपीओ निवेशक 20% घाटे में हैं।
Fly-Hi Maritime Travels IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
फ्लाई-हाई मैरिटाइम ट्रैवल्स का ₹53 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 1-3 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 2.12 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.58 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 3.66 गुना भरा था।
इस आईपीओ के तहत ₹43 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹5 की फेस वैल्यू वाले 9,99,600 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹24.24 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों, ₹4.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹1.80 करोड़ बिजनेस मार्केटिंग और डेवलपमेंट एक्टिविटीज पर, ₹6.37 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹6.03 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंचेज पर खर्च होंगे।
Fly-Hi Maritime Travels के बारे में
फ्लाई-हाई मैरिटाइम ट्रैवल्स एक बी2बी ट्रैवल कंपनी है। यह जहाजों कमर्शियल शिपिंग कंपनियों के क्रू की आवाजाही का पूरा मैनेजमेंट देखती है। यह एयरलाइन टिकट बुकिंग, रूट प्लानिंग, एयरपोर्ट/ग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन, होटल बुकिंग, वीजा और इमिग्रेशन को-ऑर्डिनेशन, ओके-टू-बोर्ड कंफर्मेशन, रियल-टाइम ट्रैवल ट्रैकिंग, फ्लाइट में रुकावट पर वैकल्पिक व्यवस्था, इमरजेंसी सपोर्ट और क्रू के जहाज पर पहुंचने की कंफर्मेशन जैसी सर्विसेज देती है। यह साइप्रस, ग्रीस, यूएसए, यूके, सिंगापुर, यूएई और भारत समेत छह से अधिक देशों में सर्विसेज देती है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 115% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹8.43 करोड़ और टोटल इनकम 17% के सीएजीआर से ₹62.21 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹12.97 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹12.95 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।