Federal Reserve के फैसले पर टिकी दुनियाभर की निगाहें, इंटरेस्ट रेट बढ़ा तो शेयर बाजार में मच सकता है कोहराम

फेड ने सितंबर में इंटरेस्ट रेट में एक-चौथाई फीसदी की वृद्धि की थी। वह स्पष्ट कर चुका है कि फिलहाल उसका फोकस महंगाई को बढ़ने से रोकना है। मिडिलईस्ट क्राइसिस के चलते क्रूड ऑयल की कीमतों में उबाल है। खासकर पिछले कई हफ्तों से ब्रेंट क्रूड लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है

अपडेटेड Oct 28, 2026 पर 7:07 PM
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सितंबर में अमेरिका में सीपीआई इनफ्लेशन 3.7 फीसदी रहा। इसमें क्रूड में उछाल का बड़ा हाथ है।

फेडरल रिजर्व की पॉलिसी से पहले 28 अक्तूबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी पर दबाव दिखा। इसकी वजह यह है कि इनवेस्टर्स फेड की पॉलिसी से पहले सावधानी बरत रहे हैं। अमेरिकी केंद्रीय बैंक की पॉलिसी के फैसले के बारे में भारतीय समय के मुताबिक देर रात पता चलेगा।

आज इंटरेस्ट रेट में बदलाव की उम्मीद नहीं 

एक्सपर्ट्स का मानना है कि फेडरल रिजर्व आज इंटरेस्ट रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं करेगा। उनकी नजरें अब फेड की कमेंट्री पर लगी हैं। सवाल है कि क्या अगर आज अमेरिकी केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट नहीं बढ़ाता है तो वह दिसंबर की अपनी पॉलिसी में इंटरेस्ट रेट को बढ़ाएगा?


सितंबर में फेड ने बढ़ाया था इंटरेस्ट रेट 

फेड ने सितंबर में इंटरेस्ट रेट में एक-चौथाई फीसदी की वृद्धि की थी। फेड चेयरमैन केविन वॉर्श स्पष्ट कर चुके हैं कि फिलहाल उनका फोकस महंगाई को बढ़ने से रोकने पर है। मिडिलईस्ट क्राइसिस के चलते क्रूड ऑयल की कीमतों में उबाल है। खासकर पिछले कई हफ्तों से ब्रेंट क्रूड लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है। इसके चलते अमेरिकी सहित दुनियाभर में महंगाई बढ़ रही है।

अमेरिका में इनफ्लेशन में उछाल

अमेरिका में महंगाई में लगातार इजाफा देखने को मिला है। सितंबर में अमेरिका में सीपीआई इनफ्लेशन 3.7 फीसदी रहा। इसमें क्रूड में उछाल का बड़ा हाथ है। कोर इनफ्लेशन भी 2.6 फीसदी पहुंच गया। फेड ने इनफ्लेशन के लिए 2 फीसदी का टारगेट तय किया है। सितंबर में इनफ्लेशन इस टारगेट से काफी ज्यादा है।

इस वजह से नहीं बढ़ेगा इंटरेस्ट रेट

फेड के लिए इंटरेस्ट रेट को लेकर फैसला लेना आसान नहीं है। इसकी वजह यह है कि अमेरिका में मॉर्टगेज रेट 7 फीसदी से ज्यादा हो गया है, जिससे हाउसिंग मार्केट पर दबाव बढ़ा है। लेबर मार्केट में हायरिंग सुस्त है। लोगों को नई नौकरियां तलाशने में दिक्कत का सामना करना पड़ा है। ऐसे में अगर फेड इंटरेस्ट रेट बढ़ाता है तो उसका असर आर्थिक गतिविधियों पर पड़ेगा।

पॉलिसी सख्त होने पर शेयर बाजार पर निगेटिव असर

फेड आज अपनी पॉलिसी में सख्ती बढ़ाने का संकेत देता है तो इसका असर न सिर्फ सोने की कीमतों पर पड़ेगा बल्कि शेयर बाजारों पर भी पड़ेगा। अगर फेड पॉलिसी में रुख में नरमी का संकेत देता है तो इससे सोने में तेजी आ सकती है। शेयर बाजारों पर भी इसका अच्छा असर पड़ेगा। अमेरिकी डॉलर की दिशा भी फेड के आज के फैसले पर निर्भर करेगी।

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गोल्ड की कीमतों पर भी बढ़ सकता है दबाव 

गोल्ड और सिल्वर की कीमतें पहले से ही दबाव में चल रही हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड हल्की गिरावट के साथ 4,056 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। सिल्वर भी 0.31 फीसदी गिरकर 54 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। उधर, क्रूड आयल की कीमतों में उछाल दिखा। ब्रेंट क्रूड 114.99 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था। बीते कुछ हफ्तों में सोने और चांदी में तेज गिरावट दिखी है। फेड अगर आज इंटरेस्ट रेट नहीं बढ़ाता है तो इससे सोने और चांदी में रिकवरी दिख सकती है।

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