जियो प्लेटफॉर्म्स के लिए 28 अक्टूबर की तारीख खास बन गई। सुबह में शेयर बाजार खुलने पर कंपनी के शेयर की स्टॉक एक्सचेंजों में धमाकेदार एंट्री हुई। शेयर 1,119 रुपये के इश्यू प्राइस से 21 फीसदी से ज्यादा प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए। लेकिन, बाजार बंद होते-होते शेयर की कीमत इश्यू प्राइस से करीब 27 फीसदी तक चढ़ गई। इससे देश की सबसे मूल्यवान 10 कंपनियों की लिस्ट हिल गई।
पहले दिन ही शेयरों में 27 फीसदी उछाल
Jio platforms के शेयर बुधवार को 1,417.35 रुपये पर बंद हुए। यह इश्यू प्राइस से 26.66 फीसदी ज्यादा है। अंतिम एक घंटे में शेयरों में अचानक उछाल दिखा। इससे कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 13 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया। इससे जियो प्लेटफॉर्म्स सबसे ज्यादा मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली देश की दूसरी कंपनी बन गई। खास बात यह है कि सबसे ज्यादा मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।
एशिया की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बनी
जियो प्लेटफॉर्म्स सबसे ज्यादा मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली दुनिया की सातवीं टेलीकॉम कंपनी बन गई है। एशिया की यह दूसरी सबसे ज्यादा वैल्यूएशन वाली टेलीकॉम बन गई है। इससे ऊपर सिर्फ चीन की China Mobile है। जियो प्लेटफॉर्म्स भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। इसकी सब्सिडियरी जियो इंफोकॉम के करीब 53 करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं। खास बात यह है कि जियो ने यह मुकाम सिर्फ 10 साल में हासिल किया है। कंपनी 2016 में शुरू हुई थी।
21 से 23 अक्टूबर के बीच खुला था आईपीओ
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर के बीच खुला था। इसे इनवेस्टर्स का जबर्दस्त रिस्पॉन्स मिला था। एंकर इनवेस्टर्स के लिए यह इश्यू 19 अक्टूबर को खुला था। इसमें देश और दुनिया के कई बड़े संस्थागत निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई थी। कंपनी ने आईपीओ के इनवेस्टर्स को 26 अक्टूबर को शेयर एलॉट किए थे। आज यानी 28 अक्टूबर को शेयर बीएसई और एनएसई में लिस्ट हो गए।
जियो प्लेटफॉर्म्स की ग्रोथ की अच्छी संभावना
जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों को लेकर ब्रोकरेज फर्मों की राय पॉजिटिव है। ब्रोकरेज फर्मों ने इनवेस्टर्स को आईपीओ में भी बोली लगाने की सलाह दी थी। उनका मानना है कि कंपनी के लिए ग्रोथ की अच्छी संभावनाएं हैं। यह बात सही साबित हुई। 28 अक्टूबर को शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर में जबर्दस्त तेजी दिखी। शेयर इश्यू प्राइस से करीब 27 फीसदी चढ़कर बंद हुए।
देश की टॉप 10 कंपनियों की नई लिस्ट