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F&O Manual : बैंक शेयरों से बाजार को मिला सपोर्ट, एक्सपर्ट्स को बाजार में एक उछाल की उम्मीद

F&O Manual : सोमवार को भारी बिकवाली के बाद 25 अक्टूबर को सेंसेक्स-निफ्टी बढ़त के साथ खुले। दिन चढ़ने के साथ एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, ज़ोमैटो, बीएसई और एक्सिस बैंक निफ्टी पर सबसे सक्रिय शेयरों में दिख रहे हैं। सेक्टोरल इंडेक्सों पर नजर डालें तो मेटल और पीएसयू बैंक इंडेक्स इंट्राडे में 1-1.5 फीसदी ऊपर दिख रहे हैं। फिलहाल बाजार में एक बार पर कमजोरी हावी हो गई है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 25, 2023 पर 12:18 PM
F&O Manual : बैंक शेयरों से बाजार को मिला सपोर्ट, एक्सपर्ट्स को बाजार में एक उछाल की उम्मीद
F&O Manual : ऑप्शंस डेटा से पता चलता है कि 19300 स्ट्राइक पर पुट और कॉल राइटर्स के बीच खींचतान के चलते बड़ी स्ट्रैडल पोजीशन बनी है। निफ्टी 19300 के आसपास मजबूत हो रहा है

F&O Manual : निफ्टी 19300 के आसपास कंसोलीडेट हो रहा है। डेरिवेटिव डेटा निफ्टी के लिए ओवरसोल्ड स्थिति का संकेत दे रहे हैं। इसके लिए पहली बाधा 19350 पर दिख रही है। इस स्तर से ऊपर जाने पर निफ्टी में 19500 के ऊपर जाने की संभावना बनेगी। 19500 पर काफी ज्यादा कॉल राइटिंग देखने को मिल रही है। निचले स्तर पर निफ्टी के लिए 19200-19250 पर सपोर्ट दिख रहा है।

सोमवार को भारी बिकवाली के बाद 25 अक्टूबर को सेंसेक्स-निफ्टी बढ़त के साथ खुले। दिन चढ़ने के साथ एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, ज़ोमैटो, बीएसई और एक्सिस बैंक निफ्टी पर सबसे सक्रिय शेयरों में दिख रहे हैं। सेक्टोरल इंडेक्सों पर नजर डालें तो मेटल और पीएसयू बैंक इंडेक्स इंट्राडे में 1-1.5 फीसदी ऊपर दिख रहे हैं। फिलहाल बाजार में एक बार पर कमजोरी हावी हो गई है। सुबह 11.45 बजे के आसपास सेंसेक्स 182.59 अंक या 0.28 फीसदी की कमजोरी के साथ 64391.30 पर और निफ्टी 57.80 अंक यानी 0.31 फीसदी की कमजोरी के साथ 19221.65 पर दिख रहा था। लगभग 1821 शेयरों में तेजी आई थी। 1207 शेयरों में गिरावट आई थी। जबकि 116 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ था।

बाजार को आज अमेरिकी कंपनियों के अच्छे नतीजों और चीन के प्रोत्साहन पैकेज से सपोर्ट मिला है। अब ग्लोबल मार्केट की चीन के प्रोत्साहन के उपायों के प्रभाव पर बारीकी से नजर रहेगी। यदि बाजार इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देता है, तो हमें सोमवार को बाजार में शॉर्ट टर्म बॉटम बनता दिख सकता है। यहां से बाजार में फिर तेजी आएगी। हालांकि, अगर बाजार जियोपॉलिटिकल घटनाओं और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के जाल में फंस जाता है तो यह उछाल अल्पकालिक हो सकती है।

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