F&O Manual: पिछले कारोबारी सत्र में बाजार की दिशा साफ न होने का संकेत करने वाले डोजी कैंडल फॉर्मेशन के बाद 31 मई यानी आज के कारोबार में बाजार में बिकवाली का दबाव देखने को मिल रहा है। कुछ ट्रेडर का कहना है कि पहले से ही ऐसा होने की उम्मीद थी। फिलहाल 12:10 बजे के आसपास निफ्टी 136.25 अंक यानी 0.73 फीसदी की कमजोरी के साथ 18,501.05 के स्तर पर दिख रहा है। वहीं, बैंक निफ्टी 1.10 फीसदी की कमजोरी के साथ 43949.10 के स्तर पर दिख रहा है।
क्या कहते हैं ऑप्शन के आंकड़े
ऑप्शन के आंकड़ों से पता चलता है कि वीकली ऑप्शंस में 18600 के स्तर पर अधिकतम गतिविधि के साथ दिन के दौरान सबसे ज्यादा कॉल राइटर देखने को मिले हैं। इसके अलावा 18550 के स्तर पर भी रुकावटें नजर आ रही हैं। ट्रेडर्स का कहना है कि निफ्टी इंडेक्स में मौजूदा सुस्ती के आसार पहले से ही थे। लेकिन बाजार का ओवरऑल ट्रेंड तेजी का ही है। ट्रेडरों का कहना कि निफ्टी इसी मंथली सीरीज में अपने ऑलटाइम हाई को पार करता दिख सकता है।
आज शाम आने वाले जीडीपी आंकड़ों पर बाजार की नजर
मुंबई स्थित एल्गो ट्रेडर राहुल घोष का कहना है कि जून के अंत में होने वाली एक्सपायरी के लिए निफ्टी इंडेक्स में 18700 पुट की बढ़ोतरी देखी गई। है। यह एक इन-द-मनी पुट ऑप्शन है। इससे संकेत मिलता है कि जून सीरीज के लिए तेजी बरकरार है। कुछ ट्रेडर्स की राय है कि आज शाम के आने वाले जीडीपी ग्रोथ के आंकड़ों पर किसी भी प्रतिक्रिया के लिए बाजार खुद को तैयार कर रहा है।
टोरेंट फार्मा और डिक्सन टेक्नोलॉजीज में लॉन्ग बिल्ड-अप
अगल-अगल स्टॉक्स पर नजर डालें तो ट्रेडर्स को टोरेंट फार्मा और डिक्सन टेक्नोलॉजीज में लंबी पोजीशन लेते देखा गया है। अरबिंदो फार्मा और सन फार्मा जैसे अन्य फार्मा नामों में भी लॉन्ग बिल्ड-अप देखने को मिला है। लॉन्ग बिल्ड-अप तब होता है जब शेयर की कीमत और ओपन इंटरेस्ट एक साथ बढ़ते हैं। ये एक पॉजिटिव संकेत है।
कोल इंडिया और ओएनजीसी में शॉर्ट बिल्डअप
दूसरी तरफ कोल इंडिया और ओएनजीसी जैसे एनर्जी स्टॉक्स में शॉर्ट बिल्डअप देखने को मिला है। जबकि वेदांता फ्यूचर्स में लाभांश भुगतान की भरपाई के लिए हाजिर कीमतों पर डिस्काउंट के साथ ट्रेडिंग होती दिख रही है। शॉर्ट बिल्ड-अप तब होता है जब ओपन इंटरेस्ट बढ़ता है लेकिन स्टॉक की कीमत में गिरावट आती है। यह शेयरों में गिरावट का संकेत है
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