विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने भारतीय शेयर बाजार पर भरोसा जताया है और मई में अबतक नेट बायर्स बने हुए हैं। FPI ने पिछले चार कारोबारी सत्रों में शेयर बाजारों में 10,850 करोड़ रुपये का निवेश किया है। विदेशी निवेशकों का यह निवेश देश के स्टेबल मैक्रो-इकोनॉमिक माहौल, जीएसटी कलेक्शन के मजबूत आंकड़ों और कंपनियों के उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजों के बीच आया है। इससे पहले अप्रैल में एफपीआई ने शेयरों में 11,630 करोड़ रुपये और मार्च में 7,936 करोड़ रुपये डाले थे।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा कि आगे चलकर रुपये में मजबूती और चौथी तिमाही के अच्छे नतीजे भारत में कैपिटल फ्लो बढ़ाने में मदद करेंगे।
मॉर्निंगस्टार इंडिया के एसोसिएट डायरेक्टर-मैनेजर रिसर्च हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘FPI देश के स्टेबल मैक्रो-इकोनॉमिक माहौल, जीएसटी कलेक्शन के मजबूत आंकड़ों और कंपनियों के उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजों की वजह से भारतीय बाजार में निवेश कर रहे हैं।’’ इस अवधि में एफपीआई ने डेट या बॉन्ड मार्केट से 2460 करोड़ रुपये निकाले हैं।
मार्च में GQG पार्टनर्स ने किया था निवेश
डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक एफपीआई ने दो से पांच मई के दौरान चार कारोबारी सत्रों में भारतीय शेयरों में शुद्ध रूप से 10,850 करोड़ रुपये का निवेश किया है। मार्च में FPI का निवेश मुख्य रूप से अमेरिका के GQG पार्टनर्स द्वारा अदाणी ग्रुप की कंपनियों में किया गया था। अगर अदाणी ग्रुप की कंपनियों को मिले निवेश को हटा दिया जाए, तो मार्च में एफपीआई का निवेश नेगेटिव हो जाएगा।