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FPI की सेलिंग जारी, जून के पहले दो हफ्तों में शेयरों से निकाले ₹62853 करोड़; किन वजहों से नहीं कर रहे वापसी?

FPI's Selling in June: अन्य उभरते बाजारों की तुलना में भारतीय शेयरों की हाई वैल्यूएशन भी विदेशी निवेशकों के अधिक सतर्क रुख का एक कारण है। आंकड़ों के अनुसार, फरवरी को छोड़कर 2026 के हर महीने में FPI शुद्ध विक्रेता रहे हैं। फरवरी में 22,615 करोड़ रुपये का निवेश किया था

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Jun 14, 2026 पर 1:29 PM
FPI की सेलिंग जारी, जून के पहले दो हफ्तों में शेयरों से निकाले ₹62853 करोड़; किन वजहों से नहीं कर रहे वापसी?
वर्ष 2026 में अब तक FPI भारतीय शेयर बाजार से लगभग 2.87 लाख करोड़ रुपये निकाल चुके हैं।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने जून के पहले 2 हफ्तों में भारतीय शेयर बाजार से 62,853 करोड़ रुपये से अधिक निकाले हैं। इसके पीछे बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक आर्थिक वृद्धि को लेकर चिंता और रुपये की लगातार कमजोरी जैसे कारण हैं। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक FPI भारतीय शेयर बाजार से लगभग 2.87 लाख करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। पूरे 2025 के दौरान FPI ने 1.66 लाख करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे थे।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, बजाज ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) पबित्रो मुखर्जी का कहना है कि आने वाले सप्ताह में FPI का रुख अमेरिका-ईरान शांति वार्ता, अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी के नीतिगत फैसलों, ब्याज दर पर बैंक ऑफ जापान के फैसले और प्रमुख केंद्रीय बैंकों की टिप्पणियों पर निर्भर करेगा।

2026 में अब तक केवल फरवरी में किया निवेश

आंकड़ों के अनुसार, फरवरी को छोड़कर 2026 के हर महीने में FPI शुद्ध विक्रेता रहे हैं। जनवरी में उन्होंने भारतीय शेयर बाजार से 35,962 करोड़ रुपये निकाले थे। फिर फरवरी में 22,615 करोड़ रुपये का निवेश किया था, जो इससे पहले के 17 महीनों का सबसे बड़ा मासिक निवेश था। लेकिन मार्च में रुख फिर बदल गया और विदेशी निवेशकों ने रिकॉर्ड 1.17 लाख करोड़ रुपये की सेलिंग की। इसके बाद अप्रैल में 60,847 करोड़ रुपये और मई में 32,963 करोड़ रुपये की निकासी की। अब जून के पहले दो सप्ताह में ही सेलिंग 62,853 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।

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