कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया है कि सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच ने मार्केट रेगुलटर के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान ICICI बैंक से इनकम हासिल की। इसके साथ ही बुच पर हितों के टकराव का नया मामला सामने आया है। पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि माधबी पुरी बुच ने 2017-2024 के दौरान आईसीआईसीआई बैंक से 16.8 करोड़ रुपये की आय हासिल की। इसके अलावा, खेड़ा ने कहा कि बुच को एसेट मैनेजमेंट इकाई ICICI प्रूडेंशियल से भी इनकम हासिल हुई।
उन्होंने कुछ गोपनीय रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि सेबी चीफ ने ICICI बैंक के लिए नियमों में ढील दी। पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि सेबी चीफ एक साथ तीन जगहों से सैलरी ले रही थीं। वह ICICI बैंक, ICICI प्रूडेंशियल और SEBI से एक साथ सैलरी ले रही थीं। उन्हें 2017 और 2024 के बीच ICICI बैंक से 16.8 करोड़ रुपये की नियमित आय हासिल हुई। खेड़ा ने कहा, 'अगर आप पूर्णकालिक सेबी सदस्य हैं, तो आप ICICI बैंक से वेतन क्यों प्राप्त कर रहे थे।'
खेड़ा कांग्रेस पार्टी के मीडिया एवं प्रचार विभाग के चेयरमैन हैं। उन्होंने इस नियुक्ति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'बाजार में हम जो पैसा लगाते हैं उसे सेबी रेगुलेट करता है, लेकिन सेबी के चेयरपर्सन को कौन नियुक्त करता है। यह नियुक्ति से जुड़ी कैबिनेट की कमेटी करती है, जिसमें प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदस्य होते हैं। इस समिति के दो सदस्य सेबी अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए जिम्मेदार हैं।'
सेबी चीफ से की इस्तीफा देने की मांग
पवन खेड़ा ने कहा कि माधबी पुरी बुच पहले सेबी की सदस्य थीं। अचानक 2 मार्च 2022 को चेयरपर्सन बनीं। इसके बाद भी 2017 से 2024 के बीच में करोड़ों की रेगुलर इनकम ICICI बैंक से ले रही थीं। उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा, 'अगर थोड़ी सी भी लाज शर्म हो तो आपको तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। ये आईसीआईसीआई बैंक से लगातार लाभार्भी रहे हैं और उसकी जांच सेबी ही कर रही है।'