सोमवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के कमजोर खुलने की उम्मीद है। GIFT निफ्टी बाजार में कमजोर शुरुआत का संकेत दे रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुई लड़ाई से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं और एशियाई बाजारों में कमजोरी का माहौल बन गया है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की बढ़ती उम्मीदों का भी बाजार के सेंटीमेंट पर असर पड़ रहा है। फेड चेयरमैन केविन वॉर्श द्वारा महंगाई को काबू में रखने पर सेंट्रल बैंक के फोकस को दोहराने के बाद ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद बढ़ गई है। इससे भी बाजार पर दबाव बना है।
फिलहाल GIFT निफ्टी 87 अंक या 0.36 प्रतिशत गिरकर 24,225 पर ट्रेड कर रहा है। शुक्रवार को भारतीय शेयर बाज़ार बढ़त के साथ बंद हुए थे। जिससे लगातार दो सेशन की गिरावट का सिलसिला थम गया था। उतार-चढ़ाव भरे सेशन के बाद IT शेयरों में बढ़त के दम पर सेंसेक्स 330.92 अंक या 0.43 प्रतिशत बढ़कर 77,264.51 पर और निफ्टी 84.80 अंक या 0.35 प्रतिशत बढ़कर 24,175.65 पर बंद हुआ था।
ऐसे में घरेलू बाजार कमजोर ग्लोबल माहौल के बीच नए हफ्ते में कदम रख रहा है। मिडिल ईस्ट में हालिया तनाव ने कच्चे तेल और जियोपॉलिटिकल जोखिमों को फिर से बढ़ा दिया है।
इस बीच अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसी में मिला-जुला असर दिख रहा है। इंडोनेशियाई रुपिया 0.29% और जापानी येन 0.09% मजबूत हुए हैं। दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.04% की गिरावट आई है,जबकि फिलीपींस पेसो 0.10% कमजोर हुआ है। थाई बाहत 0.19% और ताइवान डॉलर 0.17% गिरे हैं। चीनी रेनमिनबी में 0.14% की नरमी आई हैं,जबकि मलेशियाई रिंगित 0.20% टूटा है। सिंगापुर डॉलर भी 0.02% नीचे आया है।
उधर वेस्ट एशिया टेंशन और बढ़ गई है। लारक द्वीप पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान का पलटवार हुआ है। ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान के सुप्रीम लीडर र्मोजतबा खामेनेई ने कहा है कि डॉलर की भूमिका धीरे-धीरे खत्म करने की जरूरत है। इधर क्रूड 90 डॉलर के पार चला गया है।
US फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने दरें बढ़ाने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा है कि महंगाई लक्ष्य से ज्यादा रही तो कदम उठाने पड़ेंगे। इस बयान के बाद बॉन्ड यील्ड 4.7 के पार चली गई है। डॉलर इंडेक्स में भी उछाल आया है। सोना-चांदी ठंडे पड़े हैं। अमेरिकी बाजार भी कमजोरी के साथ बंद हुए। वहीं एशिया भी कमजोर दिख रहा है। निक्केई और कॉस्पी 2% फिसले हैं।
भू-राजनीतिक चिंताओं के अलावा,इस हफ़्ते निवेशक कई मैक्रो-इकोनॉमिक इंडीकेटरों पर नज़र रखेंगे। एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि भारत के FY27 की पहली तिमाही (Q1) के GDP आंकड़े और US नॉन-फार्म पेरोल्स रिपोर्ट अहम घटनाएं होंगी। इन आंकड़ों से घरेलू आर्थिक विकास की मजबूती और ग्लोबल मॉनेटरी पॉलिसी की दिशा के बारे में नए संकेत मिलेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि टेक्निकल नजरिए से देखें तो उम्मीद है कि निफ्टी में सावधानी का रुख बना रहेगा। 24,300-24,400 का स्तर अहम रेजिस्टेंस जोन के तौर पर काम करेगा और 24,100-24,000 का स्तर तत्काल सपोर्ट होगा। अगर निफ्टी 24,000 के नीचे जाता है तो यह 23,800 के स्तर तक गिर सकता है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।