Gift Nifty Indicator: बुधवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के गिरावट के साथ खुलने के आसार हैं। GIFT निफ्टी में 1 फीसदी की गिरावट आई है, जो एशियाई बाजारों और वॉल स्ट्रीट में तेजी के बावजूद भारतीय बाजारों के लिए कमजोर शुरुआत का संकेत दे रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बढ़े उत्साह के चलते ग्लोबल टेक्नोलॉजी शेयरों में फिर से तेजी आई है, जिससे ग्लोबल सेंटीमेंट बेहतर हुआ है। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और US फेडरल रिजर्व के पॉलिसी फैसले से पहले निवेशकों की सतर्कता के कारण भारतीय बाजारों पर दबाव रह सकता है।
सुबह 8:00 बजे के आसपास, GIFT निफ्टी का नवंबर फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट 22,588 पर ट्रेड कर रहा था, जो कल की क्लोजिंग से 224 अंक या 0.98 फीसदी नीचे है। मंगलवार को F&O एक्सपायरी से जुड़ी उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय बाजार लगभग बिना किसी बड़े बदलाव के बंद हुए थे। सेंसेक्स 8.08 अंक (0.01 फीसदी) गिरकर 73,598.67 पर और निफ्टी 3.45 अंक (0.02 फीसदी) गिरकर 22,749.75 पर बंद हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 4,240 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 1,250 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
AI को लेकर नए उत्साह से एशियाई बाजारों में तेजी
बुधवार को एशियाई बाजारों में तेजी देखने को मिली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े शेयरों को लेकर बढ़े उत्साह ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, खासकर तब जब बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के अर्निंग्स (परिणाम) आने वाले हैं। वॉल स्ट्रीट में आई तेजी के बाद एशियाई टेक्नोलॉजी शेयरों में भी रिकवरी दिखी।
जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों के MSCI इंडेक्स में 0.85 फीसदी की बढ़त रही, जबकि जापान का निक्केई 1.2 फीसदी ऊपर चढ़ा। दक्षिण कोरिया का टेक्नोलॉजी-प्रधान कोस्पी (KOSPI) इंडेक्स 3 फीसदी से ज्यादा उछल गया, जो इस क्षेत्र में सबसे आगे रहा। US इक्विटी फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं दिखा, क्योंकि निवेशक बुधवार को आने वाले US फेडरल रिजर्व के पॉलिसी फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। इसमें टेक्नोलॉजी शेयरों में आई तेजी का बड़ा योगदान रहा। तीसरी तिमाही के नतीजों का दौर जोर पकड़ रहा है, और निवेशक फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों से जुड़े फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
नैस्डैक कंपोजिट 308.43 अंक (1.18 प्रतिशत) उछलकर 26,477.81 पर पहुंच गया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े शेयरों में खरीदारी के चलते इसने अन्य प्रमुख सूचकांकों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। S&P 500 सूचकांक 45.83 अंक (0.60 प्रतिशत) बढ़कर 7,722.60 पर आ गया, जबकि डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 15.99 अंक (0.03 प्रतिशत) की मामूली बढ़त के साथ 52,377.57 पर बंद हुआ।
ब्रेंट क्रूड 115 डॉलर के पार पहुंचा
सऊदी अरब की एक रिफाइनरी पर हमले के बाद बुधवार को कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया। इस घटना ने मध्य पूर्व से ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं फिर बढ़ा दी हैं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.48 डॉलर (1.3 प्रतिशत) बढ़कर 115.36 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 1.22 डॉलर (1.22 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 101.12 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
इंडेक्स पर क्या हो रणनीति
एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले से पहले भारतीय शेयर बाजार में सतर्कता बनी रह सकती है। निवेशक वैश्विक बाजारों की चाल और ऊर्जा की कीमतों पर भी नजर रखे हुए हैं। उनका मानना है कि वैश्विक शेयर बाजारों में सुधार के बावजूद, फेड के फैसले की घोषणा से पहले बाजार का रुख सतर्क बना रहेगा।
पोनमुडी के अनुसार, भारतीय शेयर बाजारों की निकट भविष्य की दिशा काफी हद तक फेड के नीतिगत संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के निवेश प्रवाह पर निर्भर करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि बाजार में उतार-चढ़ाव (वोलैटिलिटी) बने रहने की संभावना है, क्योंकि निवेशक मौद्रिक नीति में बदलाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के असर का आकलन कर रहे हैं।
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