क्या बाजार की तेजी पर लगेगा आज ब्रेक? जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा है संकेत
Gift Nifty Indicator: बुधवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के कमजोर खुलने के संकेत दे रहा है। एशियाई बाजारों में आए बड़े बदलाव और अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में बिकवाली के बीच, गिफ्ट निफ्टी भी मामूली गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है
लगातार चार सत्रों की जोरदार तेजी के बाद भारतीय शेयरों में 'प्रॉफिट-बुकिंग' (मुनाफावसूली) देखने को मिल सकती है।
Gift Nifty Indicator: बुधवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के कमजोर खुलने के संकेत दे रहा है। एशियाई बाजारों में आए बड़े बदलाव और अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में बिकवाली के बीच, गिफ्ट निफ्टी भी मामूली गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। निवेशक अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के शुरुआती नतीजों का आकलन कर रहे हैं। कांग्रेस (अमेरिकी संसद) पर डेमोक्रेट्स का नियंत्रण होने की बढ़ती संभावनाओं ने वैश्विक धारणा पर नकारात्मक असर डाला है, जिससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शेयरों में आई रिकवरी का असर भी फीका पड़ गया है।
लगातार चार सत्रों की जोरदार तेजी के बाद भारतीय शेयरों में 'प्रॉफिट-बुकिंग' (मुनाफावसूली) देखने को मिल सकती है। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और विदेशी निवेशकों की ओर से फिर से शुरू हुई खरीदारी से बाजार को कुछ सहारा मिल सकता है।
सुबह लगभग 7:55 बजे GIFT निफ्टी 49 अंक या 0.2 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,711 पर ट्रेड कर रहा था। मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में तेजी जारी रही। सेंसेक्स 1,225 अंक या 1.6 प्रतिशत उछलकर 76,918 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 370 अंक बढ़कर 23,811 पर आ गया। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 6,836 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जो लगातार तीसरे सत्र में उनकी खरीदारी को दर्शाता है। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार तीसरे सत्र में 3,678 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
अमेरिकी चुनाव नतीजों के असर से एशियाई बाजारों में शुरुआती बढ़त खत्म
बुधवार को एशियाई बाजारों में गिरावट आई और शुरुआती बढ़त खत्म हो गई। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के शुरुआती नतीजों ने अमेरिकी आर्थिक और नियामक नीतियों के भविष्य को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। शुरुआत में एशियाई बाजारों में तेजी थी, क्योंकि अमेरिकी चिप निर्माता कंपनी AMD के मजबूत नतीजों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में किए गए निवेश की निरंतरता को लेकर चिंताओं को कम करने में मदद की थी।
MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स में 0.8 फीसदी की गिरावट आई, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) 1.6 फीसदी गिर गया, जो पहले 3.2 प्रतिशत तक बढ़ा था। जापान का टॉपिक्स (Topix) 1.7 फीसदी फिसल गया, जबकि निक्केई 225 फ्यूचर्स में 3 फीसदी की गिरावट आई। हांगकांग का हैंग सेंग 0.1 फीसदी नीचे आया, जबकि शंघाई कंपोजिट ने क्षेत्रीय रुझान के विपरीत 0.1 फीसदी की मामूली बढ़त दर्ज की।
मिडटर्म चुनावों के कारण स्टॉक फ्यूचर्स में बिकवाली
अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के शुरुआती नतीजों ने कांग्रेस पर डेमोक्रेट्स के नियंत्रण की संभावना बढ़ा दी है, जिससे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नीतिगत एजेंडे पर रोक लग सकती है। इस स्थिति ने वैश्विक बाजारों पर दबाव डाल दिया है। डेमोक्रेट्स के 'हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स' (प्रतिनिधि सभा) पर कब्जा करने की उम्मीद है, जबकि सीनेट के लिए दोनों पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला चल रहा है।
मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार में मिला-जुला रुख रहा। मध्यावधि चुनाव नतीजों से पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े शेयरों में आई रिकवरी ने नैस्डैक (Nasdaq) को सहारा दिया। नैस्डैक कंपोजिट 0.83 प्रतिशत बढ़कर 25,372.01 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 में 0.36 प्रतिशत की तेजी आई और यह 7,568.92 पर बंद हुआ। वहीं, डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 0.38 प्रतिशत गिरकर 51,787.04 पर आ गया।
ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर के करीब फिसला
बुधवार को कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। लगातार दो सत्रों तक गिरावट के बाद, व्यापारियों ने अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता को लेकर मिल रहे विरोधाभासी संकेतों का आकलन किया। जनवरी सेटलमेंट के लिए ब्रेंट क्रूड 0.2 प्रतिशत गिरकर 103.37 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि सत्र की शुरुआत में इसमें 1.3 प्रतिशत तक की तेजी आई थी। दिसंबर डिलीवरी के लिए वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 0.5 प्रतिशत गिरकर 95.61 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और विदेशी निवेशकों की भागीदारी में सुधार के संकेत घरेलू इक्विटी बाजार के लिए मददगार साबित हो रहे हैं। हालांकि, लगातार चार सत्रों की जोरदार तेजी के बाद बाजार में कंसोलिडेशन (ठहराव) देखने को मिल सकता है, क्योंकि निवेशक अपना मुनाफा बुक कर सकते हैं।
(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।