Get App

Gift Nifty में 400 अंकों का उछाल, 24000 के पार, गैप अप खुलेगा Nifty!

Nifty gap up opening: वीकेंड की छुट्टियों के बाद मार्केट अब थोड़ी ही देर में खुलने वाला है। ईरान और अमेरिका के बीच अहम समझौते की रिपोर्ट्स पर मार्केट का क्या रिस्पांस रहता है, इसे लेकर तो गिफ्ट निफ्टी से मजबूत संकेत मिल रहे हैं जोकि 400 प्वाइंट्स से अधिक उछलकर 24 हजार के पार चल गया। जानिए एक्सपर्ट का क्या कहना है

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Jun 15, 2026 पर 8:46 AM
Gift Nifty में 400 अंकों का उछाल, 24000 के पार, गैप अप खुलेगा Nifty!
एक कारोबारी दिन पहले 12 जून को सेंसेक्स (Sensex) 1695.40 प्वाइंट्स यानी 2.30% के उछाल के साथ 75,527.95 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 461.30 प्वाइंट्स यानी 1.99% की बढ़त के साथ 23,622.90 पर बंद हुआ था। गिफ्ट निफ्टी से आद इनकी गैप अप ओपनिंग के संकेत मिल रहे हैं।

 Nifty gap up opening: आज 15 जून को भारतीय शेयर मार्केट में इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) के मजबूत शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्टी निफ्टी से तो ऐसा ही संकेत मिला है जोकि 400 प्वाइंट्स से अधिक उछलकर 24,000 के लेवल को पार कर गया। एशियाई बाजारों में जोरदार तेजी और कच्चे तेल के भाव में तेज गिरावट से घरेलू मार्केट में ओपनिंग को लेकर पॉजिटिव सिग्नल मिल रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच एक अहम समझौते की रिपोर्ट्स पर दुनिया भर के मार्केट में रौनक छा गई है। फिलहाल (खबर लिखे जाने के समय) गिफ्ट निफ्टी 404.50 प्वाइंट्स यानी 1.71% की बढ़त के साथ 24,033.00 पर है।

इस कारण रौनक की उम्मीद लेकिन यह दबाव भी

अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों का कहना है कि युद्ध खत्म करने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के लिए एक फ्रेमवर्क एग्रीमेंट पर पहुंचे हैं। इसके चलते दुनिया भर के बाजारों में रौनक छा गई। एशियाई बाजारों में शानदार रैली आई गई। जापान के Nikkei 225 में 3%, दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 4% से अधिक तो एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शेयरों का MSCI इंडेक्स 1.5% चढ़ गया। वहीं अमेरिकी मार्केट से जुड़ा नास्डाक फ्यूचर्स 1.5% और S&P 500 फ्यूचर्स 0.9% उछल पड़ा।

सप्लाई से जुड़ी दिक्कतों से जुड़ी आशंका हल्का होने पर कच्चा तेल तेजी से नीचे फिसल गया। ब्रेंट क्रूड 4% टूटकर प्रति बैरल $83.80 के भाव तो अमेरिकी क्रूड 4.7% गिरकर $80.90 पर आ गया। दोनों बेंचमार्क पहले ही शुक्रवार को 3% से अधिक गिर चुके थे और अब मार्च के बाद के सबसे निचले स्तर पर आ गए हैं। यह गिरावट भारत जैसे तेल के आयात पर निर्भर रहने वाले देशों के लिए काफी अहम है क्योंकि इनके सस्ते होने पर महंगाई के दबाव को हल्का करने, आयात बिल घटाने, करंट अकाउंट बैलेंस को सुधारने और कॉरपोरेट प्रॉफिटेबिलिटी को सपोर्ट देने में मदद मिलती है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें