गोल्डमैन सैक्स के पूर्व सीईओ और सीनियर चेयरमैन लॉयड ब्लैंकफेन ने चेतावनी दी है कि अगर मध्यपूर्व में लड़ाई तुरंत खत्म हो जाती है तो भी अर्थव्यवस्था और बाजार पर इसकी चोट लंबे समय तक बनी रहेगी। उन्होंने इनवेस्टर्स को लंबे समय तक दबाव झेलने के लिए तैयार रहने को कहा।
लड़ाई से इंफ्रास्ट्रक्चर को काफी ज्यादा नुकसान
उन्होंने कहा, "अगर लड़ाई कल रुक जाती है तो भी इससे इंफ्रास्ट्रक्चर को इतना ज्यादा नुकसान हुआ है कि इसका असर लंबे समय तक बना रहेगा।" उन्होंने सीएनबीसी को दिए इंटरव्यू में ये बातें बताईं। उन्होंने कहा कि ऐसा सोचने की कोई वजह नहीं है कि इस लड़ाई का हल कल निकलने जा रहा है।
इनवेस्टर्स को रुख लचीला बनाए रखने की सलाह
ब्लैंकफेन ने इनवेस्टर्स को एक्सट्रीम पोजीशन लेने से मना किया। उन्होंने कहा कि यह अनुमान लगाना ठीक नहीं है कि यह लड़ाई जल्द खत्म हो जाएगी या यह क्राइसिस लंबे समय तक जारी रहेगी। उन्होंने दोनों ही अनुमान को रिस्की बताया। उन्होंने स्थिति के हिसाब से इनवेस्टर्स को अपना रुख लचीलापन बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने ये बातें तब कही हैं, जब अमेरिका-इजरायल और ईरान की लड़ाई का दायरा बढ़ा है।
क्रूड की सप्लाई घटने से कीमतें आसमान में पहुंचीं
28 फरवरी को पहले अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले किए। ईरान ने इजरायल पर जवाबी हमले किए। बाद में उसने दूसरे खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को भी निशाना बनाना शुरू किया। इस दौरान होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते क्रूड ऑयल के ट्रांसपोर्टेशन पर भी असर पड़ा है। इससे क्रूड की कीमतें आसमान में पहुंच गई हैं।
लड़ाई ने ग्लोबल इकोनॉमी के लिए बढ़ाई है अनिश्चितता
ब्लैंकफेन ने कहा कि पहले वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए स्थितियां अनुकूल दिख रही थीं। ग्रोथ अच्छी थी और इंटरेस्ट रेट में कमी की उम्मीद जताई जा रही थी। अब एनर्जी की कीमतों में उछाल और लड़ाई की वजह से अनिश्चितता बढ़ने से हालात बदल गए हैं। उन्होंने इनवेस्टर्स को अपने पोर्टफोलियो से जुड़े रिस्क कम करने की सलाह दी।
अभी भविष्य का अंदाजा लगाना मुश्किल
उन्होंने कहा कि आप हेजिंग कर सकते हैं और कल चीजें दूसरी दिशा में जाने पर यह हेजिंग बेकार साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि अभी जो माहौल है, उसमें आगे के लिए कुछ भी कहना मुश्किल है। उन्होंने यह भी कहा कि प्राइवेट इक्विटी और इससे जुड़े एसेट्स की वैल्यूएशंस से अंडरलाइंग रिस्क का पूरा पता नहीं चलता है।
मार्च में शेयर बाजार में आई है बड़ी गिरावट
मार्च में शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। इसमें मध्यपूर्व में चल रही लड़ाई का बड़ा हाथ है। बाजार पर सबसे ज्यादा असर क्रूड ऑयल की कीमतों का पड़ा है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 डॉलर के ऊपर बनी हुई हैं। यह खासकर भारत जैसे देश के लिए खतरनाक है, जो अपनी जरूरत का 80 फीसदी हिस्सा इंपोर्ट से पूरा करता है।