गर्मियों में बढ़ती बिजली मांग को लेकर सरकार एक्शन में आ गई है। सरकार ने गैस बेस्ड पावर प्लांट को बिजली उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए है। क्या है पूरी खबर ये बताते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के लक्ष्मण रॉय ने कहा बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सरकार एक बार फिर से गैस बेस्ड पावर प्लांट पर भरोसा कर रही है। इससे गैस की सप्लाई करने वाली कंपनियों को ज्यादा ऑर्डर भी मिलेगा। बिजली कंपनियों को ऊर्जा मंत्रालय के निर्देश आए हैं। इसमें गैस बेस्ड पावर प्लांट को बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए कहा गया है। बिजली कंपनियों के साथ हुए बैठक में ये फैसला लिया गया है।
GAIL, पेट्रोनेट LNG को होगा फायदा
सरकार के इस निर्देश के चलते उत्पादन बढ़ाने के लिए गैस बेस्ड पावर प्लांट ज्यादा गैस खरीद सकते हैं। प्लांट को GAIL, पेट्रोनेट LNG गैस सप्लाई करती है। लक्ष्मण ने बताया कि उत्पादन बढ़ाने के लिए इलेक्ट्रिसिटी एक्ट सेक्शन-11 लागू होगा। सेक्शन-11 के तहत कंपनियों को तय उत्पादन करना जरूरी होगा। गर्मी में बिजली की बढ़ती मांग को लेकर सरकार अलर्ट मोड पर आ गई है। सरकार की इस कवायद से गैस बेस्ड प्लांट में PLF 22 फीसदी से बढ़कर 35 फीसदी हो सकता है। PLF बढ़ाने से 10-15 mmscmd गैस की जरूरत होगी।
इलेक्ट्रिसिटी एक्ट सेक्शन-11 में कहा गया है कि असाधारण परिस्थितियों में, सरकार बिजली पैदा करने वाली कंपनियों को दिए गए निर्देशों के अनुसार उत्पादन संचालित करने और बनाए रखने के लिए कह सकती है। इसमें यह भी कहा गया है कि एक उपयुक्त आयोग किसी भी उत्पादन कंपनी पर निर्देशों के प्रतिकूल वित्तीय प्रभाव को उस तरीके से ऑफसेट करने पर विचार कर सकता है जिसे वह उचित समझे।
कम से कम 15 गैस आधारित संयंत्रों को अपनी पूरी क्षमता पर करना होगा काम
इस आदेश का मतलब होगा कि कम से कम 15 आईसीबी संयंत्रों को अपनी पूरी क्षमता पर काम करना होगा। इनमें से कुछ में कोस्टल गुजरात पावर लिमिटेड, अदानी पावर मुंद्रा लिमिटेड, एस्सार पावर गुजरात लिमिटेड, जेएसडब्ल्यू रत्नागिरी लिमिटेड, टाटा ट्रॉम्बे लिमिटेड, जीएसईसीएल सिक्का लिमिटेड, आईएल एंड एफएस तमिलनाडु पावर कंपनी लिमिटेड, मुथियारा-कोस्टल एनर्जी और उडुपी पावर शामिल हैं।
मौसम विज्ञान विभाग ने कहा जून में पड़ेगी बहुत ज्यादा गर्मी
बता दें कि इससे पहले 1 अप्रैल को भारत के मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा था कि देश में जून तक बहुत ज्यादा गर्मी पड़ेगी जिसका सबसे बुरा प्रभाव मध्य और पश्चिमी प्रायद्वीपीय भागों पर पड़ने की आशंका है। सरकार को उम्मीद है कि इस गर्मी में बिजली की मांग 256-260 गीगावॉट के बीच चरम पर होगी। कई हीटवेव एपिसोड होने पर यह मांग इससे भी ज्यादा हो सकती है।
ऊर्जा मांग में लगातार हो रही बढ़त
भारत की अधिकतम ऊर्जा मांग 2022-23 में 2,15,888 मेगावाट (215.88 गीगावॉट) से 12.7 फीसदी बढ़कर 2023-24 में 2,43,271 मेगावाट (243.27 गीगावॉट) हो गई। जबकि अधिकतम मांग 2022-23 के 2,10,725 मेगावाट से 13.9 फीसदी बढ़कर 2023-24 में 2,39,931 मेगावाट (239.9 गीगावॉट) पर रही है।