ग्रैफाइट इंडिया लिमिटेड (Graphite India Ltd) ने मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3FY26) में दमदार वापसी करते हुए घाटे से मुनाफे का सफर तय किया है। कंपनी ने दिसंबर तिमाही में ₹68 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में उसे ₹20 करोड़ का नुकसान हुआ था। बेहतर ऑपरेशनल प्रदर्शन और मजबूत रेवन्यू ग्रोथ ने नतीजों को सहारा दिया।
कंपनी ने सोमवार, 9 फरवरी को जारी नतीजों में बताया कि दिसंबर तिमाही में उसका रेवन्यू सालाना आधार पर 22.8% बढ़कर ₹642 करोड़ रहा, हो एक साल पहले इसी तिमाही में ₹523 करोड़ थी। इस दौरान ऑपरेटिंग लेवल पर भी तेज सुधार देखने को मिला। कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट यानी EBITDA ₹42 करोड़ रहा, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में EBITDA में ₹8 करोड़ का नुकसान था। तिमाही के दौरान EBITDA मार्जिन 6.6% रहा।
स्टैंडअलोन प्रदर्शन में भी मजबूती
ग्रेफाइट और कार्बन सेगमेंट का बड़ा योगदान
दिसंबर तिमाही में ग्रेफाइट और कार्बन सेगमेंट कंपनी के प्रदर्शन का मुख्य आधार रहा। इस सेगमेंट से ₹565 करोड़ का रेवन्यू आया, जो पिछले साल ₹454 करोड़ था। स्टील सेगमेंट से ₹66 करोड़ की आय हुई, जबकि अन्य कारोबारों से ₹13 करोड़ का योगदान रहा।
कंपनी ने बताया कि ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड्स की कीमतों में नरमी के चलते इन्वेंट्री का मूल्यांकन अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स के अनुसार नेट रियलाइजेबल वैल्यू पर किया गया है। 31 दिसंबर 2025 तक इन्वेंट्री राइट-डाउन ₹75 करोड़ रहा।
दिसंबर 2025 को समाप्त नौ महीनों में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹279 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹412 करोड़ था। वहीं, परिचालन से आय बढ़कर ₹2,036 करोड़ हो गई, जो साल-दर-साल ₹1,894 करोड़ थी। मैनेजमेंट ने आगाह किया कि कमाई वैश्विक स्टील प्रोडक्शन ट्रेंड्स और इलेक्ट्रोड प्राइसिंग साइकिल के प्रति संवेदनशील बनी हुई है।
तिमाही नतीजों के ऐलान के बाद Graphite India के शेयरों में करीब 2% की तेजी देखी गई और यह ₹630.55 पर ट्रेड करते नजर आए। पिछले एक साल में स्टॉक करीब 29.61% का रिटर्न दे चुका है।
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