ग्रेफाइट इंडिया के शेयर 9 सितंबर को बाजार खुलते ही रॉकेट बन गए। 11 बजे शेयर का प्राइस 17 फीसदी चढ़कर 859 रुपये पर चल रहा था। कंपनी ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड के साथ ही कार्बन और ग्रेफाइट के स्पेशियलिटी प्रोडक्ट्स बनाती है। इससे पहले 8 सितंबर को अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज पर ग्राफेटेक इंटरनेशनल का शेयर 15 फीसदी चढ़ा था।
ग्राफटेक इंटरनेशनल ने कीमत 30% बढ़ाने का ऐलान किया
Graftech International के शेयरों में तेजी की वजह कंपनी का एक ऐलान था। कंपनी ने कहा है कि वह ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड की कीमतें कम से कम 30 फीसदी बढ़ाएगी। कंपनी ने कहा कि उसे इलेक्ट्रोड की प्राइसिंग व्यावहारिक लेवल पर लानी होगी। एनालिस्ट्स का कहना है कि ग्राफटेक के इस ऐलान का ग्रेफाइट इंडिया के शेयरों पर 9 सितंबर को असर पड़ा।
ग्रेफाइट इंडिया ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड बनाने वाली अकेली लिस्टेड कंपनी
अभी ग्रेफाइट इंडिया ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड बनाने वाली इकलौती कंपनी है, जो भारतीय शेयर बाजार में लिस्टेड है। HEG भी डीमर्जर के बाद अपने ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड्स के बिजनेस को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराने वाली है। वह अगले महीने अपने बिजनेस को लिस्ट करा सकती है। एक अनुमान के मुताबिक, ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड से ग्राफटेक का एवरेज रियलाइजेशन 4,100 डॉलर प्रति टन है। एनालिस्ट्स का मानना है कि FY28 तक यह बढ़कर 6,250 डॉलर तक पहुंच सकता है।
HEG Advanced Materials के शेयरों में भी लगा अपर सर्किट
9 सितंबर को HEG Advanced Materials के शेयरों में भी जबर्दस्त तेजी दिखी। 5 फीसदी चढ़ने के बाद शेयर में अपर सर्किट लग गया। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 5,233 करोड़ रुपये है। ग्राफटेक इंटरनेशनल का ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड की कीमतें बढ़ाने का फायदा एचईजी के ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड बिजनेस को भी होगा। इसलिए भारतीय बाजारों पर दबाव के बावजूद कंपनी के शेयर में अपर सर्किट लगा।
ग्रेफाइट इंडिया का जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन
अगर कीमतें आगे अनुमान के मुताबिक रहती हैं तो इंडिया में ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड का रियलाइजेशन 1,500 डॉलर प्रति टन तक बढ़ सकता है। ग्रेफाइट इंडिया ने पिछले महीने जून तिमाही के अपने नतीजों का ऐलान किया था। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 28.4 फीसदी बढ़कर 172 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान रेवेन्यू 26.6 फीसदी बढ़कर 842 करोड़ रुपये रहा।
बीते एक साल में 65% उछला है ग्रेफाइट इंडिया का शेयर
ग्रेफाइट इंडिया का शेयर बीते एक साल में करीब 65 फीसदी चढ़ा है। इस दौरान निफ्टी 5.44 फीसदी गिरा है, जबकि सेंसेक्स में 7.44 फीसदी की गिरावट आई है। 9 सितंबर को शेयर बाजारों में लगातार तीसरे दिन दबाव दिखा। 11:25 निफ्टी 0.49 फीसदी यानी 115 अंक गिरकर 23,521 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.66 फीसदी यानी 499 अंक गिरकर 75,076 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी पर भी दबाव देखने को मिला।
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