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परेशानी में गुजरात की सिरेमिक इंडस्ट्री, इस साल 12000 करोड़ रुपए का एक्सपोर्ट होना भी मुश्किल

गुजरात के मोरबी में सिरेमिक आइटम्स का सबसे ज्यादा उत्पादन होता है। मोरबी सिरेमिक एसोसिएशन के मुताबिक इंडस्ट्री के कुल 75 हजार करोड़ के टर्नओवर में से पिछले साल कुल 18 हजार करोड़ का सिरेमिक्स आइटम एक्सपोर्ट हुआ था जो इस साल 12 हजार करोड़ भी होना मुश्किल लग रहा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 25, 2025 पर 7:13 PM
परेशानी में गुजरात की सिरेमिक इंडस्ट्री, इस साल 12000 करोड़ रुपए का एक्सपोर्ट होना भी मुश्किल
मोरबी सिरेमिक एसोसिएशन के पूर्व प्रमुख के जी कुंडारिया का कहना है कि गैस के दाम कंट्रोल करे और हमारी ट्रांसपोटेशन व्यवस्था दुरस्त हो तो हम इस मुश्किल से निकल सकते हैं

गुजरात की सिरेमिक इंडस्ट्री खराब दौर से गुजर रही है। भारत का 90 फीसदी से ज्यादा सिरेमिक कारोबार गुजरात में है। लेकिन पिछले एक साल से सिरेमिक इंडस्ट्री की हालत खराब है। ऐसे हालात कैसे बने इस पर नजर डालें तो टाइल्स,वॉश बेसिन,कमोड जैसे सिरेमिक आइटम बनाने वाली इंडस्ट्री पिछले एक साल से मुश्किल दौर से गुजर रही है। सिरेमिक इंडस्ट्री के इन हालात के लिए कई फैक्टर जिम्मेदार हैं। गैस के दाम में 15 फीसदी बढ़ोतरी और सऊदी अरब, कतर और ताइवान का 50 से 106 फीसदी एंटी डम्पिंग ड्यूटी लगाना बड़े कारण हैं।

इसके अलावा अमेरिका की ईरान पर पाबंदियों के कारण ईरान के अब्बास पोर्ट पर सिरेमिक एक्सपोर्ट रुकने से कजाखस्तान, उज्बेकिस्तान, अजरबैजान में एक्सपोर्ट बंद हो गया है। वहीं चीन ने नेपाल में ज्वाइंट वेंचर में कई यूनिट खोली हैं,जिसका असर भी इंडस्ट्री पर दिख रहा है। ये कुछ कारण हैं जिनकी वजह से कंपनियों को घरेलू मार्केट में दाम कम करने पड़े लेकिन अब बिक्री कम होने की स्थिति आ गई है। Orb Ceramic के डायरेक्टर पुलिन पटेल का कहना है कि सिरेमिक इंडस्ट्री की सालाना ग्रोथ 15-20% थी वो टिकाना तो दूर की बात है। कहीं सेल गिर न जाये इस बात का डर है।

गुजरात के मोरबी में सिरेमिक आइटम्स का सबसे ज्यादा उत्पादन होता है। मोरबी सिरेमिक एसोसिएशन के मुताबिक इंडस्ट्री के कुल 75 हजार करोड़ के टर्नओवर में से पिछले साल कुल 18 हजार करोड़ का सिरेमिक्स आइटम एक्सपोर्ट हुआ था जो इस साल 12 हजार करोड़ भी होना मुश्किल लग रहा है। ऐसे में अगर अमेरिका एंटी डम्पिंग ड्यूटी लगाएगा तो मोरबी के 800 कारखाने और उनमें काम कर रहे चार लाख लोगों को दिक्कत होगी। एसोसिएशन का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार इस परिस्थिति को पलट सकते हैं।

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