GV Electricals IPO Listing: पावर डिस्ट्रीब्यूशन इंफ्रा सर्विसेज मुहैया कराने वाली जीवी इलेक्ट्रिकल्स के शेयरों की आज BSE SME प्लेटफॉर्म पर धांसू एंट्री हुई। छह दिनों में इसके आईपीओ को शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 169 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ था। आईपीओ के तहत ₹130 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹158.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 21.54% का लिस्टिंग गेन (GV Electricals Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹161.90 (GV Electricals Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 24.54% मुनाफे में हैं।
GV Electricals IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
जीवी इलेक्ट्रिकल्स का ₹42 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 31 जुलाई से 7 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का धमाकेदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 169.26 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 91.55 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 272.79 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 168.69 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹39 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 2.50 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹6.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹22.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
GV Electricals के बारे में
जीवी इलेक्ट्रिकल्स पावर डिस्ट्रीब्यूशन इंफ्रा सर्विसेज मुहैया कराती है। यह देश के इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटीज में O&M (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) और सपोर्ट सर्विसेज देती है। इसका बिजनेस तीन वर्टिकल्स में है- नेटवर्क O&M सर्विसेज, इलेक्ट्रिकल इंफ्रा और नेटवर्क डेवलपमेंट वर्क्स, और मीटरिंग और मीटर मैनेजमेंट सर्विसेज। यह 33 kV, 11 kV और LT नेटवर्क समेत अलग-अलग वोल्टेज लेवल पर इलेक्ट्रिकल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के O&M का काम देखती है। यह 33/11 kV सबस्टेशन के लिए O&M की सर्विसेज देती है और लाइन मेंटेनेंस, नेटवर्क की जांच और खराबी को ठीक करने जैसे फील्ड के कामों के लिए टेक्निकल स्टाफ तैनात करती है। जून 2026 के आखिरी में कंपनी के ऑर्डर बुक में ₹553.70 करोड़ के 34 चालू प्रोजेक्ट्स थे।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 93% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹10.47 करोड़ और टोटल इनकम 18% के सीएजीआर से ₹156.66 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹16.47 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹25.39 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।