हैप्पी स्टील्स की गुरुवार, 16 जुलाई को लिस्टिंग ठीकठाक रही। NSE SME पर शेयर 3 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 68 रुपये पर लिस्ट हुआ। IPO प्राइस 66 रुपये था। लिस्टिंग के तुरंत बाद शेयर 5 प्रतिशत उछला और 71.40 रुपये पर अपर प्राइस बैंड हिट किया। कंपनी का 25 करोड़ रुपये का IPO 54.54 गुना भरकर बंद हुआ था। इसमें 38 लाख नए शेयर जारी हुए। कंपनी का मार्केट कैप 100 करोड़ रुपये से ज्यादा है।
1996 में इनकॉरपोरेट हुई हैप्पी स्टील लिमिटेड एक इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरर है। यह सेफ्टी-क्रिटिकल, फोर्ज्ड और मशीन्ड ट्रांसमिशन और ड्राइवलाइन पार्ट्स बनाती है। ये पार्ट्स ऑन-हाइवे, ऑफ-हाइवे, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और डिफेंस सेक्टर में इस्तेमाल होते हैं। कंपनी मैन्युफैक्चरिंग की पूरी वैल्यू चेन में काम करती है। इसकी क्षमताओं में कच्चा माल खरीदना, फोर्जिंग, हीट ट्रीटमेंट, प्रिसिजन मशीनिंग, गियर कटिंग, ड्रिलिंग, सरफेस हार्डनिंग, ग्राइंडिंग, इंस्पेक्शन और पैकिंग शामिल हैं।
हैप्पी स्टील्स के प्रोडक्ट्स में कई तरह के एक्सल, लंबे स्प्लाइन शाफ्ट, स्पिंडल और दूसरे सेफ्टी-क्रिटिकल और लोड-बेयरिंग पार्ट्स शामिल हैं। ये पार्ट्स गाड़ियों की परफॉर्मेंस और सेफ्टी में अहम भूमिका निभाते हैं। ये प्रोडक्ट्स भारत और विदेशों में ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) और टियर-I सप्लायर्स को सप्लाई किए जाते हैं।
Happy Steels की वित्तीय सेहत
Happy Steels ने IPO से पहले एंकर इनवेस्टर्स से 7.10 करोड़ रुपये जुटाए थे। कंपनी का वित्त वर्ष 2026 के दौरान रेवेन्यू 17 प्रतिशत बढ़कर 96.57 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले रेवेन्यू 82.52 करोड़ रुपये था। शुद्ध मुनाफा 203 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 7.10 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो वित्त वर्ष 2025 के दौरान 2.34 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2026 के दौरान हैप्पी स्टील्स पर 47.18 करोड़ रुपये का कर्ज था।
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