HDFC एसेट मैनेजमेंट कंपनी (HDFC AMC) ने घोषणा की है कि उसके फ्लैगशिप HDFC फ्लेक्सी कैप फंड ने एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 1 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। यह फ्लेक्सी कैप कैटेगरी की सबसे बड़ी स्कीम में से एक बन गई है। रोशी जैन के जाने के बाद इस स्कीम को 1 फरवरी 2026 से अमित गणात्रा मैनेज कर रहे हैं। HDFC AMC ने कहा कि यह माइलस्टोन मार्केट साइकिल में इनवेस्टर्स की लगातार भागीदारी और फंड की लगातार अच्छी परफॉर्मेंस को दिखाता है।
जनवरी 1995 में लॉन्च हुआ HDFC फ्लेक्सी कैप फंड एक फ्लेक्सिबल मैंडेट को फॉलो करता है। इसके चलते इसे मार्केट की स्थितियों के आधार पर लार्ज-कैप, मिड-कैप और स्मॉल-कैप स्टॉक्स में निवेश करने की इजाजत है। यह स्ट्रैटेजी, रिसर्च पर बेस्ड है और इसका मकसद लॉन्ग-टर्म वेल्थ क्रिएशन पर फोकस के साथ अलग-अलग सेक्टर्स में एक डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो बनाना है।
फ्लेक्सी कैप फंड बिना किसी तय लिमिट के मार्केट कैपिटलाइजेशन में अपने-आप एलोकेट कर सकते हैं। इससे फंड मैनेजर, वैल्यूएशंस और अर्निंग्स आउटलुक के आधार पर एक्सपोजर को एडजस्ट कर सकते हैं।
और कौन से इक्विटी फंड्स क्रॉस कर चुके हैं 1 लाख करोड़ का AUM
AUM में 1 लाख करोड़ रुपये का मार्क क्रॉस करने वाले इक्विटी फंड्स भारत में चुनिंदा ही हैं। दूसरी एक्टिवली मैनेज्ड इक्विटी स्कीम्स, जिन्होंने यह माइलस्टोन क्रॉस किया है, उनमें SBI म्यूचुअल फंड का SBI ब्लूचिप फंड और ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड का ICICI प्रूडेंशियल ब्लूचिप फंड शामिल हैं। इसके अलावा, कुछ पैसिव और डायवर्सिफाइड इक्विटी स्कीम्स ने भी 1 लाख करोड़ रुपये की लिमिट पार कर ली है। इनमें SBI म्यूचुअल फंड द्वारा मैनेज किया जाने वाला SBI निफ्टी 50 ETF और PPFAS म्यूचुअल फंड द्वारा मैनेज किया जाने वाला पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड शामिल हैं।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।